नई दिल्ली। पत्रकार रवीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे उत्तर प्रदेश के नए गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस शुरू हो गई है।
एक्सप्रेसवे को लेकर उठाए सवाल
वायरल वीडियो में रवीश कुमार गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा समय घटने के फायदे पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि जब मंजिल तक पहुंचने का समय कम हो जाएगा तो लोग “रोड ट्रिप का असली मजा” कैसे लेंगे। वे यह भी कहते नजर आते हैं कि सरकार एक्सप्रेसवे बनाकर यात्रा को तेज क्यों कर रही है।
उनकी इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
कई यूजर्स ने इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। कुछ लोगों ने रवीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें विकास कार्यों से “नफरत” है, जबकि कुछ ने इसे “अनावश्यक आलोचना” बताया।
वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने उनकी टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि यात्रा के अनुभव और संस्कृति को भी विकास की चर्चा में शामिल किया जाना चाहिए।
गंगा एक्सप्रेसवे की विशेषताएं
जिस परियोजना पर यह बहस हो रही है वह गंगा एक्सप्रेसवे है, जिसका उद्घाटन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय 10–12 घंटे से घटकर लगभग 6–8 घंटे रह जाएगा। इससे ईंधन की खपत में लगभग 30% तक कमी आने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना राज्य में लॉजिस्टिक्स, उद्योग, कृषि और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी।
विकास बनाम दृष्टिकोण की बहस
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर विकास परियोजनाओं को देखने के अलग-अलग नजरिए को सामने ला दिया है। जहां सरकार इसे आधुनिक बुनियादी ढांचे की बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं कुछ लोग इसे जीवनशैली और अनुभव के दृष्टिकोण से भी देखने की बात कर रहे हैं।
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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