नई दिल्ली : भारतीय कुश्ती जगत में एक बार फिर उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया, जब दिग्गज ओलंपियन विनेश फोगाट ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर चौंकाने वाला खुलासा किया। विनेश ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि पूर्व कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में वह खुद भी शामिल हैं। विनेश ने न केवल अपनी पहचान उजागर की, बल्कि वर्तमान कुश्ती संघ की कार्यप्रणाली और आगामी ट्रायल्स की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
‘अब पहचान बताना जरूरी हो गया था’
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में विनेश फोगाट ने कहा कि वह अब तक कानूनी पेचीदगियों और अपनी गरिमा के कारण चुप थीं, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें बोलना पड़ रहा है। विनेश ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक पीड़िता की पहचान गुप्त रखी जानी चाहिए, और मैं भी केस के लंबित रहने तक चुप रहना चाहती थी। लेकिन आज देश को यह बताना जरूरी है कि उन छह पीड़िताओं में से एक मैं खुद हूं। हमारे बयान दर्ज हो रहे हैं और सच जल्द ही सबके सामने आएगा।”
गोंडा में ट्रायल पर सवाल: ‘बृजभूषण के घर में कैसे होगा निष्पक्ष मुकाबला?’
विनेश ने कुश्ती महासंघ द्वारा आगामी रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल्स को उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित कराने के फैसले पर तीखा प्रहार किया। विनेश का आरोप है कि गोंडा बृजभूषण शरण सिंह का गढ़ है और प्रतियोगिता उनके निजी कॉलेज में कराई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया, “जहां बृजभूषण का घर है, उनका कॉलेज है और उनका प्रभाव है, वहां किसी मेहनती खिलाड़ी को इंसाफ मिलेगा, यह नामुमकिन है। वहां रेफरी कौन होगा और अंक किसे दिए जाएंगे, यह सब उनके लोग ही तय करेंगे।
‘सरकार और खेल मंत्रालय मूकदर्शक बने हैं’
विनेश फोगाट ने सरकार और खेल मंत्रालय पर भी अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे बृजभूषण को ‘फ्री हैंड’ दे दिया गया है कि वह कुश्ती जगत के साथ जो चाहें करें। विनेश ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर गोंडा में प्रतियोगिता के दौरान मेरे या मेरी टीम के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। ऐसे माहौल में कोई भी खिलाड़ी अपना 100 प्रतिशत प्रदर्शन नहीं कर सकता।”
18 महीने बाद वापसी की राह में ‘मानसिक दीवार’
पेरिस ओलंपिक के बाद करीब डेढ़ साल तक मैट से दूर रहने वाली विनेश अब 2026 एशियन गेम्स की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह देश के लिए फिर से पदक जीतना चाहती हैं और तिरंगे का मान बढ़ाना चाहती हैं, लेकिन मानसिक प्रताड़ना और असुरक्षा का माहौल उनकी राह में रोड़ा अटका रहा है। विनेश ने मीडिया और खेल प्रेमियों से अपील की है कि वे इस पूरी चयन प्रक्रिया पर नजर रखें ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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