कोलकाता : विधानसभा चुनाव की मतगणना में धांधली के आरोप को लेकर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जा रही है। बुधवार दोपहर विधायकों के साथ बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने इसका ऐलान किया। विधानसभा चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद बुधवार दोपहर तृणमूल सुुप्रीमो ममता ने कालीघाट में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ एक आपात बैठक की। इस बैठक में उन्होंने दावा किया कि सौ से अधिक सीटों पर तृणमूल उम्मीदवारों को ‘जबरन हराया’ गया है। वोट लूटने का आरोप लेकर तृणमूल कांग्रेस जल्द ही देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली है।
आज की बैठक में ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उनके मुताबिक यह हार ‘अनैतिक’ और साजिशपूर्ण है। बैठक में उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “मैंने इस्तीफा नहीं देने का फैसला किया है। वे चाहें तो राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं, मुझे बर्खास्त कर सकते हैं, लेकिन वह दिन इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज किया जाएगा।”
तृणमूल नेता ने पार्टी के आंतरिक कामकाज की निगरानी और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक नई ‘अनुशासन सुरक्षा समिति’ का गठन किया है। समिति में डेरेक ओ ब्रायन, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुभाशीष चक्रवर्ती और असीमा पात्रा शामिल हैं। साथ ही उन्होंने जीते हुए विधायकों को तुरंत अपने-अपने क्षेत्र में लौटने और आम लोगों के साथ मिलकर काम करने का आदेश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी तृणमूल राष्ट्रीय स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी। उस उद्देश्य के लिए, उन्होंने एक टीम के रूप में और ‘भारत’ गठबंधन के बाकी सहयोगियों के साथ समन्वय के माध्यम से काम करने का आदेश दिया।
बैठक में उन्होंने कहा कि राजनीति के अलावा वह एक पेशेवर वकील के रूप में अपना काम फिर से शुरू करेंगे और कानूनी तरीकों से इस ‘अन्याय’ से निपटेंगे।
गौरतलब है कि आज की अहम बैठक में बीरभूम की काजल शेख और बायरन विश्वास समेत कुछ विजयी उम्मीदवारों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलें पैदा कर दी हैं।
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