नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद और महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया है। यह नोटिस राज्यसभा की कार्यवाही एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 187 के तहत राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को सौंपा गया है।
कांग्रेस नेता ने अपने नोटिस में आरोप लगाया है कि 15 मई को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री ने एनईईटी-यूजी पेपर लीक मामले पर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों को लेकर टिप्पणी करने से इनकार किया और समिति की बहुदलीय प्रकृति पर सवाल उठाए। जयराम रमेश के अनुसार, मंत्री की यह टिप्पणी संसद और उसकी समितियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है।
नोटिस में कहा गया है कि संसदीय समितियों को संसद का विस्तार माना जाता है और इन्हें “मिनी संसद” भी कहा जाता है। ऐसे में किसी समिति के प्रति अपमानजनक या अवमाननापूर्ण टिप्पणी को सदन की अवमानना माना जा सकता है। रमेश ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने जानबूझकर समिति की प्रतिष्ठा को कमतर दिखाने का प्रयास किया।
कांग्रेस सांसद ने इसे संसदीय विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन बताते हुए सभापति से आग्रह किया है कि इस मामले में धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में एनईईटी‑यूजी पेपर लीक मामला को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर हमलावर रहा है। —————-
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