Kanpur Kidney Racket : टेक्नीशियन ही करता था किडनी ट्रांसप्लांट, 900 पन्नों की चार्जशीट में हो गया खुलासा

Kanpur Kidney Racket : उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट को लेकर पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस द्वारा तैयार की गई करीब 900 पन्नों की चार्जशीट में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन डॉक्टरों के साथ मिलकर ओटी मैनेजर, टेक्नीशियन और नर्सिंगहोम संचालक कर रहे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गाजियाबाद निवासी ओटी मैनेजर और टेक्नीशियन मुदस्सर अली खुद किडनी ट्रांसप्लांट करता था।

 

पुलिस के अनुसार मुदस्सर अली को ट्रांसप्लांट सर्जरी का लंबा अनुभव था और वह पहले एनसीआर के किसी बड़े सर्जन के अधीन काम कर चुका था। जांच में यह बात सामने आई कि ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार तोमर और कुलदीप सिंह राघव भी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में उसकी मदद करते थे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

 

अलग-अलग लोगों को दी गई थीं अलग जिम्मेदारियां

पुलिस विवेचना में पता चला है कि रैकेट बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। किडनी डोनर और रिसीवर को लाने, होटल में ठहराने, अस्पताल पहुंचाने और ऑपरेशन के बाद उनकी देखरेख तक की जिम्मेदारी अलग-अलग लोगों को सौंपी गई थी।

 

जांच में यह भी सामने आया कि ट्रांसप्लांट से पहले अस्पताल के नियमित स्टाफ को छुट्टी पर भेज दिया जाता था ताकि किसी को शक न हो। ऑपरेशन गुपचुप तरीके से किए जाते थे।

 

900 पन्नों की चार्जशीट तैयार

रावतपुर पुलिस ने पूरे मामले में करीब 900 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट तैयार की है। इसे विधिक राय के लिए भेजा गया है और मंजूरी मिलने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा।

 

चार्जशीट में होटल, नर्सिंगहोम और ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ तीन नर्सिंगहोम के सीसीटीवी फुटेज भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने 25 से 30 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें कानपुर पुलिसकर्मियों के अलावा मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के नर्सिंगहोम स्टाफ, होटल कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं।

31 मार्च को दर्ज हुई थी एफआईआर

रावतपुर पुलिस ने 31 मार्च को एसआई मुकेश कुमार की तहरीर पर अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का मामला दर्ज किया था। जांच के बाद आहूजा नर्सिंगहोम संचालक डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश तोमर, परवेज सैफी और रोहित तिवारी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

 

मेरठ, दिल्ली और गाजियाबाद तक फैला नेटवर्क

पुलिस जांच में एनसीआर क्षेत्र के कई लोगों के नाम सामने आए थे। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों को मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली भेजा गया, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। बाद में मुख्य आरोपी मुदस्सर अली ने गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

 

हाल ही में पुलिस ने बहराइच निवासी सैफुद्दीन और चकेरी निवासी अखिलेश तिवारी को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने मुदस्सर अली द्वारा ट्रांसप्लांट किए जाने की पुष्टि की है।

 

अभी भी कई आरोपी फरार

पुलिस के मुताबिक अभी चार से पांच आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इनमें डॉ. अफजल, डॉ. वैभव और नवीन पांडेय समेत अन्य नाम शामिल हैं।

 

रावतपुर एसओ कमलेश राय ने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी जाएगी। पुलिस का दावा है कि इस रैकेट से जुड़े कई और अहम खुलासे आने वाले दिनों में हो सकते हैं।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com