मुंबई में मोहर्रम के मौके पर कथित तौर पर जहरीली गोलियां बांटने के मामले में गिरफ्तार 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी को लेकर जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रहा था और उसने अपने मन में यह धारणा बना ली थी कि पूरी दुनिया उसके खिलाफ है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह लोगों से बदला लेना चाहता था। उसका दावा था कि सभी ने उसके साथ अन्याय किया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वह किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित था या नहीं और क्या उसका किसी मनोरोग विशेषज्ञ के यहां इलाज चल रहा था।
पत्नी छोड़कर चली गई थी
जांच में यह भी सामने आया है कि फैयाज की पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी। इसके बाद वह लगातार अवसाद और मानसिक तनाव में रहने लगा था। पुलिस ने आरोपी के पिता का बयान पुणे में दर्ज किया है, जबकि उसकी मां और बहन वर्तमान में ईरान में रह रही हैं।
AI की मदद से जुटाई जानकारी
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पता चला कि उसने AI टूल की मदद से यह जानकारी खोजी थी कि जिंक फास्फाइड की कितनी मात्रा शरीर पर किस प्रकार का प्रभाव डाल सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि उसने यह रसायन कहां से खरीदा और उसके पास कैसे पहुंचा।
बीबीए ग्रेजुएट है आरोपी
पुलिस के मुताबिक फैयाज बीबीए स्नातक है। पुणे स्थित उसके घर की तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में चूहे पाए गए। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी वजह से उसे जिंक फास्फाइड जैसे चूहे मारने वाले रसायन की जानकारी थी।
फिलहाल पुलिस आरोपी की डिजिटल गतिविधियों, मेडिकल रिकॉर्ड और रासायनिक पदार्थ की खरीद से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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