नई दिल्ली : भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक अवसर पर पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के बहुआयामी व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35(A) को उखाड़ फेंकना ही देश की एकता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले इस महान सपूत को सच्ची श्रद्धांजलि है। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को अपने जीवन का अंतिम ध्येय बनाया था।
औद्योगिक आत्मनिर्भरता के प्रणेता थे डॉ. मुखर्जी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को रेखांकित करते हुए एक विस्तृत लेख साझा किया। पीएम मोदी ने लिखा:
डॉ. मुखर्जी का योगदान देश के कई क्षेत्रों में अमूल्य रहा। वे एक विजनरी विचारक और बेहतरीन शिक्षाविद थे, जिन्होंने हमेशा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नवाचार (Innovation) और आधुनिक शिक्षा प्रणाली का पुरजोर समर्थन किया। देश के पहले उद्योग मंत्री के तौर पर उन्होंने भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी और यह सुनिश्चित किया कि हमारे पारंपरिक उद्योग और कामगारों की आजीविका सुरक्षित रहे।”
प्रधानमंत्री ने बंगाल के ऐतिहासिक अकाल के दौरान डॉ. मुखर्जी के मानवीय प्रयासों को याद करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के प्रति उनका समर्पण हर भारतीय को युगों-युगों तक प्रेरित करता रहेगा।
गंगोत्री से गंगासागर तक आज भाजपा का राज- अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने डॉ. मुखर्जी को नमन करते हुए उनके संघर्षों को याद किया। शाह ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी देश के उन विरले नेताओं में से हैं, जिन्होंने कभी प्रसिद्धि की चाह में राजनीति नहीं की। उन्होंने जो भी फैसले लिए, उसके दूरगामी और कल्याणकारी परिणाम आज देश के सामने हैं। आजादी के समय अंग्रेजों की चालों के खिलाफ लड़कर उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना रहे।”
गृहमंत्री ने आगे कहा, “आज डॉ. मुखर्जी का वो अधूरा सपना पूरा हो चुका है, जिसके लिए उन्होंने कश्मीर में अपना बलिदान दिया था। धारा 370 इतिहास बन चुकी है। उनकी बनाई हुई पार्टी ‘भारतीय जनसंघ’, जिसे आज दुनिया ‘भारतीय जनता पार्टी’ के नाम से जानती है, उसका शासन आज गंगोत्री से लेकर बंगाल के गंगासागर तक फैला हुआ है। करोड़ों कार्यकर्ता उनकी विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं।”
कोलकाता में महा-समारोह, दो साल तक मनेगा जश्न
इस खास मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को कोलकाता में आयोजित एक भव्य आधिकारिक विदाई और जयंती समारोह में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने साल 2025 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो साल (2025 से 2027) तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी भव्य समारोहों की घोषणा की थी, जिसके तहत देश के कोने-कोने में उनके विचारों और देशहित में किए गए कार्यों को जनता तक पहुंचाया जा रहा है।
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