खाद्य प्रसंस्करण से बढे़गी किसानों की आय और राेजगार की क्षमता : केशव प्रसाद मौर्य

नोएडा : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने साेमवार काे कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है और बड़ी मात्रा में सब्जियां, फल तथा अन्य कृषि उत्पाद यहां उपलब्ध होते हैं। इन उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को गांव और जिले के स्तर तक मजबूत किया जाए।

 

साेमवार काे यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के अंतर्गत ‘खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023’ पर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद पहुंचते हैं, लेकिन उचित प्रसंस्करण एवं भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से कई बार इनका बड़ा हिस्सा खराब हो जाता है। यदि कृषि उत्पादों का समय पर प्रसंस्करण किया जाए तो खाद्य पदार्थों की बर्बादी को कम करने के साथ किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है।

 

उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसमें पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, परिवहन और निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अवसर उपलब्ध हैं। युवा, महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह इस क्षेत्र में आगे आकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के खाद्य उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। यूरोप, अमेरिका सहित दुनिया के प्रमुख बाजारों में खाद्य उत्पादों के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन आवश्यक है। उद्यमियों को उत्पाद की गुणवत्ता के साथ आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला स्तर पर संबंधित विभागों के अधिकारी संभावित उद्यमियों को योजनाओं से जोड़ने तथा उद्योग स्थापित करने में सहायता कर रहे हैं। बैंकिंग एवं वित्तीय सहायता से संबंधित मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों और लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए।

 

खाद्य प्रसंस्करण में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर: बीएल मीणा

 

यूपीआईटीएस-2026 में खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित विशेष सत्र को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को कृषि उत्पादन से जोड़ते हुए आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण क्षमता, कोल्ड-चेन और निर्यात के लिए व्यापक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न जिलों की स्थानीय कृषि उपज और उत्पादों को केंद्र में रखकर नए खाद्य प्रसंस्करण हब विकसित हो रहे हैं, जिससे किसानों के उत्पादों को मूल्यवर्धित स्वरूप देने के साथ रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से उपलब्ध सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों का लाभ उठाकर आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश बढ़ने से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों से लेकर उद्यमियों तक पूरी मूल्य श्रृंखला को लाभ होगा।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com