नई दिल्ली । पंजाब में नशे के कारोबार, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या और गुलजार सिंह की आत्महत्या सहित तीन मामलों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मंत्रालय ने गुरदासपुर जिले में तीन लोगों पर हुए हमले के मामले में भी पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। इन घटनाओं में नशे से कथित संबंधों और कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर राज्य सरकार से जानकारी मांगी गई है।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को पंजाब के मुख्य सचिव को अलग-अलग पत्र भेजकर मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या, गुरदासपुर जिले के माड़ी पनवां गांव में तीन लोगों पर हमले और 8 सितंबर को गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामलों में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
मंत्रालय ने मानसा की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि परविंदर सिंह उर्फ झोटा पंजाब में मादक पदार्थों और मन:प्रभावी दवाओं की कथित अवैध बिक्री तथा उनके दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाते थे। उनकी हत्या के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन होने की खबरों का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।
मंत्रालय ने राज्य सरकार से घटना और इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा मांगा है।
गुरदासपुर जिले के माड़ी पनवां गांव में हुए हमले के संबंध में गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा कि बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्र में आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि हमले का संबंध मादक पदार्थों से हो सकता है। मंत्रालय ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए पंजाब सरकार से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में मंत्रालय ने कहा कि 8 सितंबर को हुई इस घटना से संबंधित खबरों के अनुसार, मृतक नशे की लत से जूझ रहे एक युवक के पिता थे। उन्होंने कथित तौर पर अपने क्षेत्र में सिंथेटिक नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर सवाल उठाए थे और पंजाब सरकार के एक मंत्री पर आरोप लगाए थे। पत्र में यह आरोप भी उल्लेखित है कि स्थानीय ग्राम पंचायत की ओर से उन्हें कथित रूप से परेशान किया गया और उन पर दबाव बनाया गया। मंत्रालय ने इस मामले में भी राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गृह मंत्रालय ने परविंदर सिंह की हत्या से संबंधित पत्र में पंजाब सरकार से नशामुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में उठाए गए कदमों का ब्योरा मांगा है। पत्र के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री ने 10 अगस्त, 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ ‘नशा नियंत्रण पर दृष्टि दस्तावेज (2026-2029)’ साझा किया था। इसमें नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं और विभिन्न उपायों का उल्लेख है।
मंत्रालय ने समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के गठन या पुनर्गठन, वित्तीय जांच, नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की परिणामोन्मुखी समीक्षा, अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करने, एनडीपीएस मामलों की अदालतों को सुदृढ़ करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न बिंदुओं पर पंजाब सरकार से की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
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