पौष पूर्णिमा पर प्रयागराज में 31 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज : माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर शनिवार को आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का सैलाब संगम तट की ओर उमड़ पड़ा और दिन भर में श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। पौष पूर्णिमा के अवसर पर शाम 07 बजे तक प्रयागराज के सभी घाटों पर लगभग 31 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन द्वारा की गई सतर्क, सुनियोजित एवं समन्वित व्यवस्थाओं के परिणाम स्वरूप पौष पूर्णिमा का प्रथम स्नान पर्व बिना किसी अप्रिय घटना के सकुशल सम्पन्न हुआ तथा सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। प्रयागराज के अलावा वाराणसी, अयोध्या, मथुरा और विन्ध्याचल समेत प्रदेश की अन्य पवित्र नदियों में लोगों ने भक्ति भाव से स्नान किया।

 

माघ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस वर्ष कई नवाचार किए गए। 17 नंबर पार्किंग से लेकर लेटे हनुमान जी मंदिर तक प्रारम्भ की गई गोल्फ कार्ट सेवा का लगभग 9500 हजार श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को निःशुल्क सेवा भी उपलब्ध कराई गई। इस सेवा से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा प्राप्त हुई। इसके साथ ही विभिन्न पिकअप प्वाइंट से माघ मेला क्षेत्र के निकटतम पार्किंग स्थलों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित रैपिडो बाइक सेवा के माध्यम से लगभग 10 हजार बुकिंग की गईं, जिससे श्रद्धालुओं को कम समय में सुगमता के साथ मेला क्षेत्र तक पहुंचाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति, प्रभावी निगरानी एवं नवाचारों के चलते पौष पूर्णिमा का प्रथम स्नान पर्व पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल रूप से सम्पन्न हुआ, जिससे श्रद्धालुओं में संतोष एवं विश्वास का भाव परिलक्षित हुआ।

 

त्रिवेणी तट पर उमड़ा आस्था सैलाब

 

पौष पूर्णिमा के अवसर पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम व विभिन्न घाटों पर दिन भर स्नान का क्रम चला। संगम तट पर आध्यात्मिक उल्लास और धार्मिक आस्था का अद्वितीय मेल दिखा। देश भर के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं के लिए माघ मेले में पौष पूर्णिमा स्नान पर्व का दिव्य स्नान जीवन का अद्वितीय अनुभव बन गया है। हरियाणा की रेवाड़ी से आई निशा का कहना है कि त्रिवेणी के पावन जल में पुण्य की डुबकी से जीवन धन्य हो गया। सरकार ने मेला क्षेत्र में आने-जाने से लेकर घाटों में स्नान की उत्तम व्यवस्था की है।

 

अपने पूरे परिवार के साथ मध्य प्रदेश के सीहोर से त्रिवेणी स्नान के लिए आई कल्पना तोमर का कहना था कि महाकुंभ में त्रिवेणी स्नान की जो कामना अधूरी रह गई थी, इस बार पूर्ण हो गई। मेला क्षेत्र में स्वच्छता और व्यवस्था सराहनीय है। सनातन आस्था से जुड़े विभिन्न संत सम्प्रदाय के संत महात्माओं ने भी त्रिवेणी के पावन जल में माघ मेला की पहली डुबकी लगाई।

 

 

 

उत्सव और उल्लास की बयार, मुस्तैद दिखा प्रशासन

 

माघ मेला के आरंभ के साथ ही संपूर्ण मेला क्षेत्र में उत्सव और उल्लास की बयार प्रवाहित हो रही है। पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय का कहना है कि शहर और मेला क्षेत्र में 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे केंद्रीय कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है। वहीं आधुनिक उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मी प्रभावी भीड़ प्रबंधन में जुटे हैं। घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर और जल पुलिस की सक्रिय पेट्रोलिंग से श्रद्धालुओं को सुचारु और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

 

कल्पवासियों ने लिया संकल्प, जीवंत हुई तंबुओं की नगरी

 

हर साल माघ के महीने मोक्ष दायिनी मां गंगा के तट पर शुरू होने वाली धार्मिक परम्परा कल्पवास का भी इसी प्रथम स्नान पर्व के साथ आरंभ हो गया। मेला क्षेत्र में पहली बार कल्पवासियों के लिए बनाया गया प्रयागवाल नगर भी इसी के साथ जीवंत हो उठा। पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक चलने वाले कल्पवास का पहला स्नान आज था। मेला क्षेत्र में कल्पवास करने आए 4 लाख से अधिक कल्पवासियों ने गंगा स्नान कर आज से कल्पवास का संकल्प लिया।

 

पहली बार रिवर एम्बुलेंस की सुविधा

 

श्रद्धालुओं के लिए सबसे खास सुविधा यह है कि माघ मेले के लिए 2 रिवर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है जबकि 80 एम्बुलेंस की तैनाती की गई है। इसके अलावा अस्पतालों की अपनी व्यवस्था और चिकित्सीय सुविधाएं यहां उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यहां कुशल डाक्टरों के साथ साथ पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनात का काम समय रहते पूरा कर लिया है।

 

श्रद्धालुओं के लिए बाइक सुविधा

 

माघ मेले में उत्तर प्रदेश रोडवेज 3800 बसों का संचालन कर रहा है। इनमें से 2250 बसें झूंसी से भेजी गई हैं। इसके अलावा मेरठ, बरेली, कानपुर, सीतापुर जैसे तमाम जिलों के अलग-अलग हिस्सों के लिए भी शटल बसों की सुविधा दी जा रही है। इसी प्रकार भारतीय रेलवे ने भी माघ मेला के दौरान प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ रामबाग और झूसी स्टेशनों पर भी अलग-अलग तारीखों में कई ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव दिया है। इनमें कई लंबी दूरी की रेल गाडियां हैं। पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाइक कंपनियों से बात कर बाइक सुविधा शुरू की गई है, ताकि श्रद्धालु संगम के करीब तक जा सकें।

 

एआई कैमरों से श्रद्धालुओं की निगरानी

 

मेला प्रशासन ने इस बार माघ मेले को कई नई तकनीकी सुविधाओं से लैस किया है। मेले में पहली बार एआई कैमरों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। बड़ी बात यह है कि इस बार वीआईपी प्रोटोकाल लगभग खत्म कर दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं के स्नान ध्यान में किसी प्रकार का व्यवस्था न आने और प्रशासन को भी परेशान न होना पड़े। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में थाने, चौकी, जल पुलिस के थाने, कंट्रोल रूम, वाच टावर बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में 10 चक्र की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है।

 

माघ मेले की मुख्य स्नान की तिथियां

 

पहला मुख्य स्नान- पौष पूर्णिमा (3 जनवरी 2026)

 

दूसरा मुख्य स्नान- मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026)

 

तीसरा मुख्य स्नान- मौनी अमावस्या (18 जनवरी 2026)

 

चौथा मुख्य स्नान- बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026)

 

पांचवां मुख्य स्नान- माघी पूर्णिमा (1 फरवरी 2026)

 

छठा मुख्य स्नान- महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026)

 

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