सब्सक्रिप्शन के लिए खुला गैबियन टेक्नोलोजी का आईपीओ, आठ जनवरी तक लगा सकते हैं बोली

नई दिल्ली : स्टील गैबियंस का निर्माण करने वाली कंपनी गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड का 29.16 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में आठ जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद नौ जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 12 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 13 जनवरी को बीएसई के एएएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

 

गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड के आईपीओ में बोली लगाने के लिए 76 रुपये से लेकर 81 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,59,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 36 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

 

आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले पांच जनवरी को गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड ने आठ एंकर इनवेस्टर्स से 8.28 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, नियो डायनामिक स्ट्रेटजिक फंड, मास्टर ग्रोथ 369, वॉरटन अपॉर्च्यूनिटीज फंड, एसबी अपॉर्च्यूनिटीज फंड, टाइगर स्ट्रेटजीज फंड, 360 वन ट्रेजरी सॉल्यूशन फंड और विकासा इंडिया ईआईएफ फंड के नाम शामिल हैं।

 

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.38 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.33 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.27 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। जबकि गिरिराज स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

 

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.82 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में नवंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 4.30 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

 

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 78.88 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 104.97 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 101.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक कंपनी को 60.66 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

 

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 29.46 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 36.37 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 46.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में नवंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 52.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

 

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 7.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 13.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 12.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक ये 16.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

 

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 6.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 13.16 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 30 नवंबर 2025 तक ये 10.76 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा

 

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