मुंबई : वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीयमंत्री सुरेश कलमाड़ी (82) का आज तडक़े पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में निधन हो गया। कलमाड़ी को इलाज के लिए इस अस्पताल में कुछ दिन पहले भर्ती कराया गया था। वह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में पत्नी, बेटा, एक बहू, दो शादीशुदा बेटियां, एक दामाद और पोते-पोतियां हैं। उनका पार्थिव शरीर पुणे में उनके घर कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है। आज शाम पुणे के नवी पेठ में वैकुंठ श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुरेश कलमाड़ी का जन्म 01 मई 1944 को हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे वायुसेना में पायलट थे। राजनीति में आने के बाद वे 1982 से 1996 तक राज्यसभा सदस्य रहे। उन्होंने 1996 और 2004 में लोकसभा चुनाव लड़ा। राजनीति के अलावा सुरेश कलमाड़ी ने खेल जगत में अपनी पहचान बनाई। सुरेश कलमाड़ी ने पुणे फेस्टिवल और पुणे मैराथन के जरिए पुणे को दुनिया भर में पहचान दिलाई। वे लंबे समय तक पुणे से सांसद रहे। उन्होंने रेल राज्य मंत्री का पद भी संभाला।
वे इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। उनके कार्यकाल में भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था। हालांकि, उन पर इसी कॉमनवेल्थ में घपला करने का आरोप लगा था। इस केस में उन्हें 2011 में गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। इसके बाद पुणे के सर्वेसर्वा कहे जाने वाले सुरेश कलमाडी का राजनीतिक जीवन खत्म हो गया। इस केस की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से क्लोजर रिपोर्ट 15 साल बाद अदालत में जमा की गई। इसमें सुरेश कलमाडी को क्लीन चिट दे दी गई। इस फैसले के बाद पुणे में कलमाडी के समर्थकों ने जश्न मनाया। लेकिन जब तक यह फैसला आया, कलमाडी का पूरा राजनीतिक जीवन खत्म हो चुका था। वे कुछ समय से बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से पुणे के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक फैल गया है।
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