मुंबई : महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम ने बीड़ जिले के केज इलाके से आतंकवाद फैलाने वाले आतंकी संगठनों को कथित तौर पर फंडिंग के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की एटीएस की टीम गहन छानबीन कर रही है।
इन आरोपितों पर फर्जी ट्रस्ट बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये जमा करने और उस धनराशि को आतंकी संगठनों को भेजने का आरोप है। मामले की जांच कर रहे एटीएस अधिकारी ने आज मीडिया को बताया कि केज पुलिस स्टेशन की मदद से 8 जनवरी की दोपहर में गुलजार-ए-रजा नामक ट्रस्ट से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पांचों ने इस ट्रस्ट के नाम पर एक्सिस बैंक सहित कई अन्य बैंकों में गलत पहचान पत्र के आधार पर खाता खोला था और इन बैंक खातों से आतंकी संगठनों को फंडिंग की थी।
इन पांचों की पहचान अहमदुद्दीन कैसर काज़ी, इमरान कलीम शेख, मुज़म्मिल नूर सैयद, अहमदुद्दीन सत्तार काज़ी और तौफ़ीक जावेद काज़ी के रुप में की गई है। इन पांचों ने जिन्होंने धार्मिक काम की आड़ में जनता से करोड़ों रुपये एकत्र किए और फर्ज़़ी कागज़ात के आधार पर बैंकों और इनकम टैक्स विभाग को चूना लगाया। इसकी भी छानबीन की जा रही है । अब तक की जांच में पता चला है कि इस ट्रस्ट ने 4 करोड़ 73 लाख 67 हज़ार रुपये के फंड का गबन किया है। इस मामले में एटीएस ने बीड के माजलगांव रूरल पुलिस स्टेशन में आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
एटीएस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम जब छत्रपति संभाजी नगर में आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद करने वाली संस्थाओं की छानबीन कर रही थीं, उसी समय गुलजार-ए-रजा संगठन शक के घेरे में आया। इस संगठन की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह संगठन धार्मिक कामों के लिए डोनेशन इकट्ठा कर रहा था। हालांकि, जब टेक्निकल जांच की गई तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। इस ट्रस्ट ने एक्सिस बैंक की लातूर ब्रांच में 5 अकाउंट खोले थे। इसके लिए इसने बैंक को गुमराह करते हुए दूसरे संगठन फैजान-ए-कंजुल ईमान ऑफ वक्फ बोर्ड, अहिल्यानगर का रजिस्ट्रेशन नंबर अपना बताया। इतना ही नहीं, जांच में पता चला है कि नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण करते समय भी फर्जी नंबर दर्ज किए गए थे। इस मामले की गहन छानबीन जारी है।
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