सूरत : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि वर्तमान सरकार की ‘वीबी-जी राम जी’ योजना संयुक्त प्रगतिशील गठबन्धन (यूपीए) सरकार की योजना से पूरी तरह अलग है।
गुजरात के सूरत में एक पत्रकार वार्ता के केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि वर्ष 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एक समान योजना शुरू की थी। इसके बाद राजीव गांधी ने ‘जवाहरलाल नेहरू योजना’ लागू की। वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यूपीए
सरकार ने मनरेगा योजना शुरू की थी, जो केवल मजदूरी आधारित योजना थी और अन्य प्रकार के रोजगार को बढ़ावा नहीं देती थी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत लोगों को साल में केवल 100 दिनों का रोजगार मिलता था, जबकि वर्तमान में शुरू की गई ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन(ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) के अंतर्गत इसे बढ़ाकर 125 दिनों का रोजगार कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नई योजना का उद्देश्य सिर्फ मजदूरी नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करना है, जिससे लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है।
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