कोलकाता : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के पद्म सम्मानों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों से देश-विदेश की कुल 131 विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें पश्चिम बंगाल से 11 प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हैं, जिन्हें पद्मश्री से नवाजा जाएगा।
हर वर्ष की तरह इस बार भी साहित्य, कला, खेल, संगीत, चिकित्सा, शिक्षा, हस्तशिल्प, व्यवसाय और समाजसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म सम्मान प्रदान किए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल से सम्मानित 11 हस्तियों ने अपने-अपने क्षेत्र में दशकों तक उल्लेखनीय कार्य कर राज्य और देश का नाम रोशन किया है।
बंगाल से पद्मश्री पाने वालों में टॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी प्रमुख हैं, जिन्होंने चार दशकों से अधिक के करियर में 350 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। अशोक कुमार हालदार, दलित साहित्यकार और शिक्षाविद्, जिन्होंने रेल सुरक्षा कर्मी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
रंगमंच जगत के वरिष्ठ कलाकार हरिमाधव मुखर्जी को मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्होंने छह दशकों में 60 से अधिक नाटकों का निर्देशन किया। हस्तशिल्प क्षेत्र में ज्योतिष देवनाथ, पूर्व बर्धमान के प्रसिद्ध जामदानी बुनकर, जिन्होंने 10 हजार से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण दिया, को भी पद्मश्री पुरस्कार मिलेगा।
संगीत के क्षेत्र में बनारस घराने के प्रसिद्ध तबला वादक कुमार बोस और संतूर वादक तरुण भट्टाचार्य को सम्मानित किया गया है। कांथा शिल्प की कारीगर तृप्ति मुखर्जी को 20 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पद्मश्री दिया जाएगा।
चिकित्सा क्षेत्र में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सरोज मंडल, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में संथाली भाषा के लेखक रबिलाल टुडू, शिक्षा क्षेत्र में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर महेंद्र नाथ राय, तथा दार्जिलिंग के शिक्षाविद् और समाजसेवी गंभीर सिंह योंजोन को भी पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी पश्चिम बंगाल से 11 व्यक्तियों को पद्म सम्मान मिला था, जिनमें अरिजीत सिंह, ममता शंकर और अरुंधती भट्टाचार्य जैसे चर्चित नाम शामिल थे। इस वर्ष भी बंगाल से सम्मानित हस्तियों की संख्या समान रही है।
इस बार कुल पांच लोगों को पद्म विभूषण और 13 को पद्म भूषण के लिए नामित किया गया है। मनोरंजन जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन को भी यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला है।
पद्म भूषण प्राप्त करने वालों में प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज शामिल हैं। वहीं, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा और महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।
बंगाल से इन 11 व्यक्तियों को पद्मश्री के लिए नामित किया गया है।
प्रोसेनजीत चटर्जी (सिनेमा): चार दशकों से अधिक समय में 350 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले टॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता।
अशोक कुमार हालदार (शिक्षा एवं साहित्य): दलित साहित्यकार, जिन्होंने रेल सुरक्षा कर्मी के रूप में करियर शुरू किया।
हरिमाधव मुखोपाध्याय (कला, मरणोपरांत): प्रख्यात रंगकर्मी, जिन्होंने छह दशकों में 60 से अधिक नाटकों का निर्देशन किया।
ज्योतिष देवनाथ (हस्तशिल्प): पूर्व बर्धमान के प्रसिद्ध जामदानी बुनकर, जिन्होंने 10 हजार से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण दिया।
कुमार बोस (संगीत): बनारस घराने के सुप्रसिद्ध तबला वादक।
तृप्ति मुखोपाध्याय (कांथा शिल्प): बीरभूम की कारीगर, जिन्होंने 20 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।
तरुण भट्टाचार्य (संतूर): बंगाल के प्रख्यात संतूर वादक।
डॉ. सरोज मंडल (चिकित्सा): हृदय रोग विशेषज्ञ।
रबिलाल टुडू (साहित्य एवं शिक्षा): संथाली भाषा के प्रसिद्ध लेखक।
महेंद्रनाथ राय (शिक्षा): रसायन विज्ञान के प्रोफेसर एवं शोधकर्ता।
गंभीर सिंह योंजोन (शिक्षा एवं समाजसेवा): दार्जिलिंग के शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता।
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