मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को मुंबई में कहा कि केंद्रीय बजट ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में एक मज़बूत और निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में प्लान्ड शहरीकरण, इंडस्ट्री और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने और इन्वेस्टमेंट और रोजग़ार पैदा करने के मज़बूत उपायों पर ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट तय किया गया है, जबकि खेती, पशुपालन, मछली पालन और सिंचाई के लिए बड़े इंतज़ाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ स्कीम की सफलता के बाद, महिलाओं के लिए खास मॉल और बिजऩेस के मौके बनाने का प्रस्ताव बहुत ज़रूरी है। उन्होंने हर जिले में हायर एजुकेशन कर रही लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की योजना का भी स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों में इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को मज़बूत करने का फ़ैसला हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़ा कदम साबित होगा। प्रस्तावित मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से जीडीपी ग्रोथ में काफ़ी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि हर ग्रोथ हब को अगले पाँच सालों में 5,000 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन और नागपुर मेट्रोपॉलिटन रीजन ग्रोथ हब को फ़ायदा होगा। केंद्रीय बजट में महिलाओं के लिए स्वतंत्र मॉल और उद्योग के अवसर बनाने की योजना बहुत अहम है। मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद हाई स्पीड कॉरिडोर से जीडीपी में काफी बढ़ोतरी होगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने यह ऐतिहासिक बजट है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा। बजट देश के हर क्षेत्र और घटक को केंद्र में रखकर बनाया गया है। इसमें भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करने और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढऩे के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोऱ्हे ने कहा कि केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4.5 प्रतिशत से नीचे बनाए रखने के अपने वादे को पूरा करके अपने राजकोषीय अनुशासन को साबित किया है। यह बजट विकसित भारत की नींव रखता है। शिक्षा के लिए छात्रावास, सौर ऊर्जा की शक्ति में एक नया इतिहास रचा जाएगा। ‘जल जीवन’ क्रांति, बेटियों की जन्म दर में वृद्धि, महिलाओं, युवाओं, किसानों और ग्रामीण कारीगरों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में बजट मील का पत्थर साबित होगा। ‘बायो फार्मा मिशन’ भारत को दवा निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाएगा। तीन आयुर्वेदिक कॉलेजों के साथ पांच नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। सरकार डिजिटल और रचनात्मक कौशल को बढ़ाने के लिए एबीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब लॉन्च करने की योजना बना रही है।
कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे के अनुसार यह बजट कृषि और किसानों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लाएगा। कृषि बजट को बढ़ाकर लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। यह महाराष्ट्र के किसानों के लिए खुशी की बात है। ‘भारत विस्तार’ एआई-आधारित बहुभाषी कृषि सहायता उपकरण से मौसम, फसल योजना, कीट नियंत्रण और बाजार की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इस बजट से डिजिटल कृषि के विकास की दिशा स्पष्ट दिखाई देती है।
श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि दिये जाने से राज्य के ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ को विश्वस्तरीय बनाने में मदद मिलेगी। घरेलू उत्पादन पर जोर और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का पर्याप्त प्रावधान देश में औद्योगिक क्रांति के लिए एक नई दिशा है।
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