मुंबई : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष कुमार चौहान के साथ केंद्रीय बजट के समग्र लाभों पर चर्चा के लिए बैठक की।
बैठक में म्यूचुअल फंड और परिसंपत्ति प्रबंधन उद्योग से जुड़े निवेशक और प्रमुख उद्योग प्रतिनिधि भी शामिल हुए। गोयल ने कहा कि एनएसई में आयोजित यह बैठक बेहद उपयोगी और संवादपूर्ण रही। बजट के बाद उद्योग जगत में दिख रही आशावादिता, इससे मिलने वाले वृद्धि अवसरों से जुड़ा उत्साह और बैठक में सामने आए नए विचार और सुझाव उत्साहजनक हैं।
यह बैठक वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में बढ़ोतरी से जुड़ा प्रस्ताव रखे जाने के एक दिन बाद हुई है। बजट में वायदा अनुबंधों पर एसटीटी को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, विकल्प प्रीमियम पर एसटीटी 0.10 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी और विकल्प सौदे करने पर 0.125 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव है।
सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में एसटीटी से 73,700 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कांफ्रेंस में यह स्पष्ट किया है कि सरकार वायदा कारोबार के खिलाफ नहीं है, लेकिन छोटे निवेशकों को अत्यधिक सट्टेबाजी से होने वाले नुकसान से बचाना चाहती है।
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