पंजाब में दो IAS अधिकारी सस्पेंड, मान सरकार ने इस वजह से लिया एक्शन

Punjab : पंजाब सरकार ने रविवार को दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई चंडीगढ़ में लागू की गई है और इसका उद्देश्य प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव और पंजाब इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन लिमिटेड (पंजाब इन्फोटेक) के प्रबंध निदेशक जसप्रीत सिंह शामिल हैं।

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम प्रशासनिक जिम्मेदारी के मद्देनजर उठाया गया है और दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश तुरंत प्रभावी होंगे।

 

सस्पेंड होने वाले अधिकारी कौन हैं?

आदेशों के अनुसार, कमल किशोर यादव उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन विभाग में वरिष्ठ पद पर तैनात थे। वहीं, जसप्रीत सिंह पंजाब इन्फोटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के साथ ही एक अतिरिक्त मुख्य सचिव और एक संयुक्त सचिव का तबादला भी किया गया है।

 

निलंबन की अवधि के दौरान, दोनों अधिकारियों को चंडीगढ़ स्थित राज्य मुख्यालय में तैनात किया गया है और इस दौरान उन्हें केवल निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से प्रशासनिक आधार पर की गई है।

 

क्यों सस्पेंड किए गए दोनों अधिकारी?

इन दोनों IAS अधिकारियों पर कार्रवाई का मुख्य कारण आंगनबाड़ी कर्मचारियों को मोबाइल फोन प्रदान करने वाली सरकारी योजना से जुड़ा मामला है। इस योजना के संबंध में एक निजी कंपनी ने अदालत से स्टे हासिल कर लिया था, जिससे सरकार को कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ा। सरकार का आरोप है कि संबंधित आईएएस अधिकारियों ने अदालत में केस को ठीक ढंग से प्रस्तुत नहीं किया, जिसके कारण सरकार नाराज है। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।

 

लक्की ओबोराय की हत्या से गरमाई सियासत

वहीं, पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। जालंधर में 6 फरवरी को आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब आम आदमी पार्टी की “जीरो फियर” सरकार में खून से लथपथ हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि पहले हफ्ते में नौ हत्याएं हुईं हैं और जनवरी 2026 में करीब 25 हत्याएँ दर्ज की गई हैं। यह बयान राजनीतिक तनाव को दर्शाता है और प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है।

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