नई दिल्ली : दिल्ली विधान सभा सचिवालय ने पंजाब सरकार के गृह विभाग (चंडीगढ़) के अवर सचिव (गृह-II शाखा) कैलाश गौतम को आज एक पत्र भेजा है। यह पत्र विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के विरुद्ध कथित टिप्पणियों के मामले में विशेषाधिकार हनन और अवमानना की शिकायतों के संबंध में जारी किया गया है। विशेषाधिकार समिति ने पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों को दिल्ली विधानसभा में पेश होने का निर्देश दिया है।
सचिवालय द्वारा सूचित किया गया है कि इस मामले को विशेषाधिकार समिति के सभापति के समक्ष रखा गया है और इसे रिकॉर्ड पर ले लिया गया है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारियों को जारी किया गया नोटिस केवल जवाब न मिलने के आधार पर नहीं था, बल्कि मामले का पूरा विवरण पहले ही साझा किया जा चुका था। अधिकारियों को 27 फरवरी को समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर प्रदान किया जाएगा।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समिति से बार-बार विभाग के प्रश्नों और स्पष्टीकरणों का उत्तर देने की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यदि समिति को विभाग से किसी स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी, तो वह समय-समय पर स्वयं मांग ली जाएगी।
तदनुसार, संबंधित अधिकारियों—अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह-II), पुलिस महानिदेशक (पंजाब) और कमिश्नर (जालंधर) को विशेषाधिकार समिति के निर्देशों का पालन करने और उन्हें जारी किए गए नोटिस/सम्मन में दिए गए तिथि और समय पर व्यक्तिगत रूप से समिति के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, समिति के अवलोकन के लिए पंजाब सरकार के गृह विभाग के उन स्थायी आदेशों की भी मांगी गई है, जिनका उल्लेख पत्राचार में किया गया है।
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