नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने साल 2014 के जाली भारतीय मुद्रा प्रकरण में फरार चल रहे एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह मामला दुबई स्थित एक पाकिस्तानी नागरिक से जुड़ा है।
एजेंसी के अनुसार, नेपाल के बारा जिले का निवासी नूर मोहम्मद गैर जमानती वारंट के तहत वांछित था। उसे बिहार के समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। एनआईए ने उसके विरुद्ध नवंबर 2017 में नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया था।
एनआईए ने यह मामला जून 2014 में भारतीय दंड संहिता तथा गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया था। अप्रैल 2014 में 4,988 उच्च गुणवत्ता के 1,000 रुपये मूल्यवर्ग के जाली नोट बरामद किए गए थे। इनकी कुल अंकित राशि 49.88 लाख रुपये थी। यह खेप 17 और 18 अप्रैल 2014 को दुबई से लाई गई थी। बरामदगी नई दिल्ली के हवाई अड्डे पर हुई थी।
जांच में सामने आया कि नूर मोहम्मद ने सह आरोपी एकरामुल अंसारी तथा अन्य के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इस षड्यंत्र में पाकिस्तानी नागरिक सैयद मुहम्मद शफी उर्फ शफी चाचा भी शामिल था। भारत में उच्च गुणवत्ता के जाली भारतीय मुद्रा नोटों की खरीद, परिवहन, आपूर्ति और प्रचलन की योजना बनाई गई थी।
एनआईए के अनुसार, देश की मौद्रिक स्थिरता को प्रभावित करने के उद्देश्य से रचे गए इस षड्यंत्र के तहत नूर मोहम्मद ने सह आरोपियों के बीच बैठकों की व्यवस्था कराई थी। उसने जब्त खेप की आपूर्ति पर भी निकट से निगरानी रखी थी। मामले की जांच जारी है।
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