नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन और उनके अपमान का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में उबाल लेकर आ गया है। सिलीगुड़ी में आयोजित इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति को सभा स्थल के चयन और प्रशासनिक उपेक्षा का जो अनुभव हुआ, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने बंगाल की टीएमसी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इसे लोकतंत्र और आदिवासी समुदाय का अपमान बताया है।
‘यह शर्मनाक और अभूतपूर्व’: पीएम मोदी का सीधा प्रहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो कुछ भी बंगाल में हुआ, वह न केवल शर्मनाक है बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के इतिहास में ‘अभूतपूर्व’ है। पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति जी ने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है, उसने हर उस व्यक्ति को दुखी किया है जो लोकतंत्र और आदिवासियों के सशक्तिकरण में विश्वास रखता है।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए पूर्ण रूप से राज्य का प्रशासन जिम्मेदार है।
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