लखनऊ : ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने बुधवार को लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर शंखनाद किया। उन्हाेंने सशर्त 24 घंटे पहले अनुमति देने पर कहा कि शर्त लगाना दैत्यों व दानवों का पुराना तरीका है। शर्त लगाकर आप अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते।
गाय को ‘गौ माता’ और ‘भारत की राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग काे लेकर “गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा” पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द ने लखनऊ में गौ भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि आज यह मान्यवर कांशीराम के स्मृति स्थल से नया इतिहास लिखा जा रहा है। अपने आंदाेलन काे लेकर उन्हाेंने कहा कि गंगोत्री से गंगा प्रकट हो रही है, आगे जाकर सहस्रधारा बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूरा बल लगा देने के बाद भी बड़ी संख्या में गाैभक्त उमड़े है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द ने आराेप लगाया कि पहले हमें काशी में रोकने का प्रयास किया गया। फिर रास्ते में रोकने का प्रयत्न हुआ। फिर शर्त लगाकर 24 घंटे पहले अनुमति दी गयी। शर्तनामा हमारा मार्ग प्रशस्त कर रहा है। शर्त लगाना दैत्यों व दानवों का पुराना तरीका है। शर्त लगाकर सोचते हैं कि बच जाएगा। शर्त लगाकर अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते।
शंकराचार्य ने कहा कि हमें सरकारी संत नहीं चाहिए। हम जनता का कल्याण चाहते हैं। हम लोक के सुख की कामना कर रहे हैं। क्या गऊ व ब्राह्मण को सुखी नहीं होना चाहिए। अन्याय के मार्ग से शासन नहीं किया जा सकता। क्या वेद पढ़ने वाले बटुक लाठी के योग्य हैं। जो हिम्मत मुगलों ने नहीं की, वह काम इस सरकार में हुआ। धिक्कार है, लजवा दिया अपने कुल खानदान पंथ को इतिहास में काले कलंक के रूप में दर्ज हो गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने कहा कि शंकराचार्य सनातन धर्म की सुप्रीम कोर्ट है। जो हमारे मठों मंदिरों के महंत हैं, वह हाई कोर्ट हैं और जो हमारे साधु संत हैं भगवान के भजन में लीन हैं, वह हमारी लोअर कोर्ट है। यहाँ भीड़ निर्णय नहीं करती है। यहां ज्ञान, समझ व विद्वता का मतलब होता है। शंकराचार्य ने कहा कि गाय हमारी आत्मा है। इसके बिना हमारा अस्तित्व नहीं रहेगा। गाय समाप्त हो जायेगी तो हमारी सृष्टि नहीं बचेगी।
इस माैके पर कथावाचक बृज बिहारी सरकार ने कहा कि हिन्दू हिन्दू कहकर सत्ता में आने वाली सरकार में गौ माता की हत्या हो रही है। आज सनातन के लिए व गौ माता की रक्षा के लिए लड़ने की आवश्यकता है। वृन्दावन जैसे तीर्थों में मदिरा व मांस की दुकानें खुली हैं। महेन्द्रानन्द गिरि महाराज अमरकंटक व रविकान्त मुनि पंजाब ने गौ हत्या बंद करने की मांग की। अयोध्या के संतोष दुबे ने कहा कि जिन्होंने संतों का अपमान किया। वह सरकार नहीं बची। राम के नाम पर बनी सरकारें आज मंदिरों को तहस नहस कर रही हैं। प्रभाकर नाथ पेशवा ने कहा कि हमारी गौ माता काटी जा रही है। जब तक हम गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं दिला देंगे तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।
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