खंडवा : मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में रविवार दोपहर जिला जेल के सामने स्थित सेल्स टैक्स (राज्य कर) कार्यालय में अचानक जबरदस्त आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई। इस घटना में बिल्डिंग में रखे करोड़ों के रिकॉर्ड जलकर राख हो गए।
रविवार दोपहर करीब 2 बजे स्थानीय रहवासियों ने दफ्तर से धुआं और आग की लपटें उठती देख तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही सबसे पहले कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीमों को भी अलर्ट किया गया, लेकिन तब तक आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दफ्तर के महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और फर्नीचर पूरी तरह जलकर राख हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद करीब आधे घंटे के भीतर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोग भी इस दौरान मदद में जुटे रहे। लंबे प्रयास के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक इमारत के अंदर का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह जल चुका था।
चूंकि रविवार का अवकाश हाेने के कारण दफ्तर के अंदर कोई कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं था। इस कारण एक बड़ा जनहानि का हादसा टल गया, लेकिन आर्थिक और प्रशासनिक नुकसान बेहद गंभीर बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इधर, आग लगने के कारण को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कार्यालय परिसर में मौजूद सूखी झाड़ियों को साफ करने के लिए उनमें आग लगाई गई थी। इसी दौरान तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और बढ़ते-बढ़ते सीधे बिल्डिंग तक पहुंच गई। हालांकि, इस दावे पर प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह सहमति नहीं है।
जीएसटी की असिस्टेंट कमिश्नर ज्योति ब्रह्मे ने आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट की संभावना भी जताई है। उन्होंने बताया कि यह कार्यालय जिले और संभाग स्तर पर सेल्स टैक्स और जीएसटी से जुड़े कार्यों का प्रमुख केंद्र था। भवन की निचली मंजिल पर जिला (सर्कल) कार्यालय और ऊपरी मंजिल पर संभाग (डिवीजन) कार्यालय संचालित होता था। फिलहाल आग की चपेट में सबकुछ आ गया है, कुछ भी बचा नहीं हैं। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती हैं। झाड़ियों से आग नहीं फैली है, झाड़ियों की आग पुरानी है, जो कि वर्किंग डे में हमारी मौजूदगी के दौरान ही कर्मचारियों के द्वारा साफ-सफाई के दौरान लगाई जाती है।
आग के कारण यहां रखे जरूरी दस्तावेज, रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नष्ट हो गए, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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