वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रोजेक्ट फ्रीडम को फिलहाल रोकने की घोषणा की। यह मिशन हार्मुज जलडमरूमध्य मेंं फंसे जहाजों को निकालने के लिए था। ट्रंप ने पाकिस्तान और अन्य देशों से मिले अनुरोधों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। हालांकि, ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के शु्रू किए गए प्रोजेक्ट फ्रीडम को कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा की है। लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी पहले की तरह जारी रहेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा है कि “पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर और ईरान के खिलाफ चलाए गए अभियान में हमारी सेना को मिली ज़बरदस्त सफलता को देखते हुए—साथ ही इस बात को ध्यान में रखते हुए कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है—हमने आपसी सहमति से यह तय किया है कि, ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही) को कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा। हालांकि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि यह देखा जा सके कि क्या वह समझौता अंतिम रूप ले पाता है और उस पर हस्ताक्षर हो पाते हैं या नहीं।”
ट्रंप ने रविवार को यह कहते हुए इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी कि दुनिया भर के देशों ने अपने जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अमेरिका से मदद मांगी थी। इसके बाद सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह ऑपरेशन शुरू किया था।
खास बात यह है कि अमेरिका इस ऑपरेशन के तहत सोमवार को दो और मंगलवार को सिर्फ एक जहाज सुरक्षित निकाल पाया था। जबकि ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल टकराव शुरू होने से पहले हर दिन हार्मुज से औसतन सवा सौ जहाज गुजरते थे।अमेरिका की इस मुहिम से नाराज ईरान ने चेतावनी दी थी कि उसकी इजाजत के बिना कोई जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता। इसके बाद ईरान ने हार्मुज में साऊथ कोरिया के एक जहाज पर हमला किया। साथ ही यूूएई पर मिसाइल हमले किए।
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal