बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय! विधानसभा भंग, अब शुभेंदु अधिकारी संभालेंगे कमान; PM मोदी की मौजूदगी में होगा शपथ ग्रहण

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सियासत में आज एक ऐतिहासिक युग का अंत हो गया और नए अध्याय की शुरुआत हुई। राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को 7 मई 2026 से तत्काल प्रभाव से भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। राजभवन (लोक भवन) की ओर से जारी इस आधिकारिक पुष्टि ने राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ कर दिया है।

 

ममता का 15 साल का किला ढहा, बीजेपी ने रचा इतिहास

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की है। दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर भाजपा ने ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन को उखाड़ फेंका है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80 सीटों पर सिमट गई है। हार के बाद ममता बनर्जी ने अब अपनी सियासी पारी को ‘इंडिया’ गठबंधन के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने का संकल्प दोहराया है।

कल कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बड़ी बैठक

नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच शुक्रवार शाम चार बजे कोलकाता में भाजपा विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में औपचारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने इस चुनाव में पार्टी का नेतृत्व किया, अब बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालने को तैयार हैं।

 

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण, पीएम मोदी होंगे शामिल

भाजपा ने इस जीत को ‘बंगाली अस्मिता’ से जोड़ते हुए शपथ ग्रहण के लिए शनिवार का दिन चुना है। यह दिन ऐतिहासिक है क्योंकि इस दिन विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती (25वां वैशाख) है। कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे से शपथ ग्रहण समारोह शुरू होगा। इस महाकुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित 20 राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के दिग्गज मंत्री शामिल होकर बंगाल में कमल खिलने का जश्न मनाएंगे।

 

टैगोर जयंती के जरिए टीएमसी के ‘अस्मिता कार्ड’ की काट

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टैगोर जयंती के दिन शपथ ग्रहण करना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है। ममता बनर्जी अक्सर भाजपा को ‘बाहरी’ बताकर बंगाली अस्मिता का मुद्दा उठाती रही हैं। टैगोर की जयंती पर सत्ता संभालकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह बंगाल की संस्कृति और विरासत की असली संवाहक है।

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