जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सुरक्षाबलों ने एक पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लिया है। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रफीक के पुत्र मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के पोलास क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि उसके भारत में आने के उद्देश्य और पृष्ठभूमि का पता लगाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों ने नियमित गश्त और निगरानी के दौरान नियंत्रण रेखा के निकट एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां देखीं। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान पाकिस्तानी नागरिक के रूप में हुई, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह गलती से सीमा पार कर आया या किसी अन्य उद्देश्य से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया।
इस बीच आगामी अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है। इसी क्रम में उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) शिव कुमार शर्मा ने कटड़ा में उच्चस्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य अमरनाथ यात्रा-2026 तथा तीर्थयात्रियों की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और परिचालन तैयारियों की समीक्षा करना था।
बैठक में रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), कटड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी), एसडीपीओ, भवन के डीएसपी, सेना, सीआरपीएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीआईडी, रेलवे, ट्रैफिक पुलिस तथा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने कटड़ा शहर, यात्रा मार्ग और भवन क्षेत्र में लागू सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की विस्तृत समीक्षा की।
सुरक्षा एजेंसियों ने कटड़ा शहर, यात्रा मार्ग, पवित्र गुफा मंदिर के आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों, ऊंची चोटियों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। डीआईजी ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती और लगातार निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी सुरक्षा चूक की संभावना को समाप्त किया जा सके।
इसके अलावा कटड़ा से भवन तक पूरे यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे और अन्य ठहरने के स्थानों का नियमित सत्यापन और निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के जरिए किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बैठक के अंत में सभी एजेंसियों ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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