राम मंदिर चंदा चोरी मामला: SC का बड़ा एक्शन, SIT से मांगी सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट; जानें कोर्ट रूम में क्या हुआ?

नई दिल्ली: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चंदा चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) से अब तक की प्रगति की स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि एसआईटी अपनी यह रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने पेश करे।

 

CJI सूर्यकांत की बेंच कर रही है सुनवाई, ट्रस्ट को नोटिस

इस संवेदनशील मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय विशेष बेंच कर रही है। सोमवार को कोर्ट रूम की कार्यवाही शुरू होते ही यह साफ हो गया कि अदालत इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। सुनवाई की शुरुआत में ही सॉलिसिटर जनरल (SG) ने अदालत को बताया कि राज्य के संबंधित प्राधिकार और एजेंसियां इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही हैं। हालांकि, इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

 

शीर्ष अदालत ने फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार को औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया है, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले में अदालत की पूरी मदद करेगी और जांच को तार्किक अंजाम तक पहुंचाएगी।

 

चार याचिकाओं ने बढ़ाई मंदिर ट्रस्ट की मुश्किलें, उठी फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में हिंदू धर्मपरिषद् की मुख्य याचिका सहित कुल चार अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर एक साथ सुनवाई चल रही है। इन याचिकाओं में कोर्ट से बेहद सख्त कदम उठाने की मांग की गई है:

 

सीबीआई जांच की मांग: दो अलग-अलग याचिकाओं में पूरे चंदा चोरी प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की गुहार लगाई गई है।

फॉरेंसिक ऑडिट और सबूतों की सुरक्षा: तीसरी याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच सीबीआई की एक विशेष टीम करे, साथ ही इस मामले से जुड़े सभी सबूतों को तुरंत सुरक्षित किया जाए। इसके अलावा, राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का एक विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) कराया जाए ताकि एक-एक पैसे का हिसाब सामने आ सके।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच: वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय और आरजेडी (RJD) सांसद सुधाकर सिंह की तरफ से दायर इन याचिकाओं में कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच तभी संभव है, जब इसकी सीधी निगरानी खुद सुप्रीम कोर्ट करे।

आस्था के नाम पर लूट का आरोप, कांग्रेस ने बोला तीखा हमला

इस बीच, राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर देश की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग को तेज कर दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने इस पूरे विवाद को ‘आस्था के नाम पर लूट’ करार दिया है।

 

जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजय उपाध्याय ने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा, “भगवान राम के नाम पर देश और दुनिया से जुटाई गई पवित्र निधि अब भाजपा और आरएसएस के लिए एक राजनीतिक लूट का जरिया बन चुकी है। यह केवल कोई साधारण आर्थिक घोटाला नहीं है, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों सनातनियों और राम भक्तों की अटूट आस्था, उनके विश्वास और भावनाओं के साथ किया गया एक घोर विश्वासघात है।” विपक्ष अब इस पूरे चंदा प्रबंधन व्यवस्था में कथित हेरफेर की न्यायिक जांच कराने की जिद पर अड़ा है।

 

अब देश की नजरें एसआईटी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सौंपी जाने वाली सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद ही इस मामले में अगला बड़ा मोड़ आने की उम्मीद है।

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