विजय गर्ग वर्ष 2022 में 30 नवंबर वह तिथि है, जब कृत्रिम बुद्धिमता के इतिहास में एक नया आयाम इस रूप में दर्ज हो गया कि इस दिन से इंटरनेट एक नए अवतार में सामने आ गया। चैटजीपीटी ओपनएआइ द्वारा …
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उत्तम पालन-पोषण: अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर ध्यान देना
विजय गर्ग ऐसे युग में जहां पालन-पोषण निरंतर जांच के दायरे में रहता है, बच्चों के पालन-पोषण का तनाव आधुनिक समय के बोझ के रूप में विकसित हो गया है पुराने दिनों में, बड़े परिवारों में जन्म लेना और कई …
Read More »विदेश में पढ़ाई का रास्ता खोलेंगे ये टेस्ट
विजय गर्ग ऑनलाइन ग्लोबल शिक्षा के इस दौर में भी प्रतिष्ठित विदेश यूनिवर्सिटी में ऑफलाइन पढ़ाई करने का महत्व कम नहीं हुआ है। बीते साल विदेश से पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 8 लाख से ज्यादा रही। वहीं …
Read More »पाठ्यक्रम में जुड़ने से युवाओं को लाभ
विजय गर्ग आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, भारत में दो में से एक स्नातक रोजगार के योग्य नहीं है यानी भारत में केवल 51 प्रतिशत स्नातक ही रोजगार के लिए तैयार हैं। यह आंकड़ा इस बात पर जोर देता …
Read More »आधुनिक विवाह और पुराने विवाह के बीच अंतर
विजय गर्ग पंजाबी संस्कृति के रंग बहुत खूबसूरत हैं। पंजाब के गांवों में पुराने दिनों को याद करने से मन को शांति मिलती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कुछ समय पहले पंजाब के गांवों में जो कुछ भी …
Read More »शादी
विजय गर्ग शादी के बाद विभा जब इस शहर और इस नई कॉलोनी में आई थी, तो बेहद ख़ुश हुई थी. अच्छे, नए बने क्वार्टर्स, पानी, बिजली, सड़कें, पार्क और निकट ही ज़रूरी चीज़ों का एक छोटा सा बाज़ार. शहर …
Read More »इरादे धुआं धुआं
विजय गर्ग जलवायु परिवर्तन का प्रकोप पूरी दुनिया को अपने पंजे में कस रहा है। हर कोई वैश्विक उत्सर्जन पर लगाम लगाने की जरूरत रेखांकित करता देखा जाता है। हर वर्ष होने बाले जलवायु सम्मेलन में जैव ईंधन की खपत …
Read More »एक देश एक शिक्षा प्रणाली
विजय गर्ग आरक्षण से 75 साल में नहीं बल्कि 7500 साल में भी सबको समान अवसर नहीं मिलेगा। सबको समान अवसर उपलब्ध कराना है तो 12वीं तक समान शिक्षा (एक देश एक शिक्षा बोर्ड और एक देश एक पाठ्यक्रम) लागू …
Read More »मित्रता की परिधि
विजय गर्ग मित्रता एक ऐसा विषय है, जो इस समाज के लिए सबसे ज्यादा विचार का मामला रहा है और यह ऐसा विषय भी रहा है, जिस पर सबसे ज्यादा लिखा गया है। फिर भी समय के साथ इसके अलग- …
Read More »अतार्किक उपभोग और कचरे का बोझ
विजय गर्ग मौजूदा दौर उपभोक्तावाद का है, जिसमें लोग बेतहाशा और बेतरतीब तरीके से दैनिक उपयोग का सामान इस्तेमाल कर रहे हैं। उसमें से अधिकांश को बहुत कम समय उपयोग करने के बाद सीधे कूड़ेदान में फेंक दिया जाता है। …
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