अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए शिखर पर चांदी, सोना पहली बार 5 हजार डॉलर के पार पहुंचा

नई दिल्ली : जियो पॉलिटिकल टेंशन, डॉलर इंडेक्स की गिरावट और टैरिफ को लेकर अमेरिका के मनमाने रवैए की वजह से सोना और चांदी लगातार मजबूती का रुख बनाए हुए हैं। वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में जारी हलचल की वजह से सोना और चांदी जैसी धातुओं की मांग में काफी तेजी आ गई है। इस तेजी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई है।

 

वैश्विक अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बनी अनिश्चितता की स्थिति के कारण सेफ इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट के रूप में निवेशकों में सोना और चांदी के प्रति रुझान बढ़ गया है। इसी वजह से पिछले एक सप्ताह की अवधि में सोना आठ प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ 5,040 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया है। जनवरी की शुरुआत से लेकर अभी तक इस चमकीली धातु की कीमत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15 प्रतिशत से अधिक की तेजी आ चुकी है। इसी तरह अगर पिछले दो साल की बात करें, तो सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोगुना से भी ज्यादा महंगा हो गया है।

 

सोने की तरह ही चांदी की मांग में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। सिर्फ एक साल की अवधि में ही इस चमकीली धातु ने 305 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। पिछले एक साल की अवधि में चांदी 27 डॉलर प्रति औंस से उछल कर पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई है। लंदन सिल्वर मार्केट में चांदी कल की तुलना में 2.20 प्रतिशत की उछाल के साथ 105.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंची हुई है।

 

कैपेक्स गोल्ड एंड इनवेस्टमेंट्स के सीईओ राजीव दत्ता का कहना है कि जब मार्केट में घबराहट बढ़ती है, तो सोना और चांदी की कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ती है। इस समय मार्केट में वैश्विक स्तर पर जियो पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिकी टैरिफ की आंच ने घबराहट बढ़ाई है। इसका असर सोना और चांदी की कीमत पर प्रत्यक्ष रूप से नजर आ रहा है। इन दोनों धातुओं की कीमतें ऐसे समय में ऊपर भागी हैं, जब करेंसी और सरकारी बॉन्ड्स, खासतौर पर अमेरिकी गवर्नमेंट बॉन्ड और डॉलर वाले एसेट्स जैसे नॉन-इक्विटी एसेट्स गिरावट का शिकार हो गए हैं।

 

राजीव दत्ता का कहना है कि सिर्फ अमेरिकी में ही अनिश्चितता का माहौल नहीं है, बल्कि जापान जैसी एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में अस्थिरता के चलते पिछले हफ्ते वहां के लॉन्ग और अल्ट्रा-लॉन्ग बॉन्ड्स में भी भारी बिकवाली दिखी थी। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप की घरेलू नीतियां भी निवेशकों को परेशान कर रही हैं। एक बड़ी बात अमेरिकी फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) के अगले प्रमुख की नियुक्ति की भी है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार यूएस फेड के मौजूदा प्रमुख जेरोम पॉवेल को पद से हटाने की बात कर रहे हैं। ऐसे में निवेशक यूएस फेड के अगले प्रमुख को लेकर भी अनिश्चितता की स्थि में है। इन तमाम बातों से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसकी वजह से सोना और चांदी के भाव में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है।

 

—————

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com