अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना को देख समुद्री डकैत भागे, चालक सुरक्षित

नई दिल्ली : भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में भारत के लिए जरूरी कार्गो ले जा रहे जहाज में समुद्री डकैती को नाकाम कर दिया। भारतीय जहाज को पास आता देख समुद्री डकैत भाग निकले, जिससे चालक दल सुरक्षित बच गया और जहाज पर किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। यह जहाज भारत के लिए महत्वपूर्ण माल लेकर जा रहा था और इस पर एक भारतीय नागरिक भी सवार था। नौसेना के कमांडो ने प्रभावित जहाज पर चढ़कर गहन तलाशी ली और यह सुनिश्चित किया कि जहाज पर अब कोई डाकू नहीं छिपा है।

 

दरअसल, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के झंडे वाला बल्क करियर एमवी गोल्डन आर्सेनल जहाज भारत के लिए जरूरी कार्गो ले जा रहा था। अदन की खाड़ी में गुजरते समय जिबूती से लगभग 300 नॉटिकल मील पूरब-उत्तर-पूर्व में समुद्री डाकुओं ने जहाज पर हमला कर दिया और उसे अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। खतरा देख जहाज के चालक दल ने खुद को एक सेफ रूम में बंद कर लिया और इंडियन ओशन रीजन के इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर को इस बारे में सूचना दी। इसके बाद इस इलाके में तैनात भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस त्रिकंद को उस तरफ रवाना करके मर्चेंट वेसल को रोकने का निर्देश दिया गया।

 

नौसेना के कैप्टन विवेक मधवाल ने बताया कि 01 जुलाई को संकट का संदेश मिलते ही मिशन पर तैनात भारतीय युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद तेजी से मदद के लिए रवाना हो गया। नौसेना के युद्धपोत के करीब आते ही डाकू वहां से भाग खड़े हुए, जिससे चालक दल सुरक्षित बच गया और जहाज पर किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जहाज पर एक भारतीय नागरिक समेत 21 क्रू मेंबर थे। सभी ने ब्रिज सुपरस्ट्रक्चर और आसपास के कम्पार्टमेंट को नुकसान होने की रिपोर्ट की है। चालक दल ने मर्चेंट वेसल के सिटाडेल में शरण ली थी, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया।

 

उन्होंने बताया कि 02 जुलाई की सुबह आईएनएस त्रिकंद से एक बोर्डिंग टीम एमवी गोल्डन आर्सेनल पर चढ़ी, ताकि जहाज को सैनिटाइज करके स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके। डाकुओं के भागने के बाद भारतीय नौसेना के जांबाज मार्कोस कमांडो प्रभावित जहाज एमवी गोल्डन आर्सेनल पर उतरे। पूरी तलाशी के बाद जहाज पर कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। कमांडो ने पूरे जहाज की गहन तलाशी लेने पर सुनिश्चित किया कि जहाज पर अब कोई खतरा या डाकू नहीं छिपा है। नौसेना के मरीन कमांडो ने पूरे जहाज को सुरक्षित और सैनिटाइज किया। ऑपरेशन को बढ़ाने के लिए नौसेना के पी-8आई मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट को इलाके में हवाई निगरानी और टोही करने के लिए तैनात किया गया, जिससे समुद्री क्षेत्र की जानकारी बढ़ी और एंटी-पायरेसी कार्रवाई में मदद मिली।

 

उन्होंने बताया कि जहाज को सैनिटाइज करने और तुरंत खतरे को खत्म करने के साथ आईएनएस त्रिकंद के एंटी-पायरेसी ऑपरेशन खत्म हो गए हैं। एमवी गोल्डन आर्सेनल ने अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू कर दी है। भारतीय नौसेना राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना मर्चेंट शिपिंग की सुरक्षा, पायरेसी का मुकाबला करने और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए अपनी लगातार प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में क्षेत्र के सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com