लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में कराना चाहें, तो वे तैयार हैं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जो लोग नवंबर में चुनाव कराना चाहते हैं, वे इसे सितंबर में करा सकते हैं, क्योंकि हम पूरी तरह से तैयार हैं।
अखिलेश यादव ने अपने इस बयान के साथ ही मौजूदा राजनीतिक हालात और न्याय व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी लोग न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस बार भाजपा को न तो चंदा मिलेगा, न दान, न चढ़ावा और न ही वोट।
उन्होंने कहा कि मर्यादा का पहला नाम प्रभु श्रीराम है और दूसरा नाम संविधान। उन्होंने कहा कि पहले आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया और अब संविधान को दबाने का प्रयास हो रहा है, जिससे आस्था, मर्यादा और श्रद्धा तीनों को चोट पहुंची है।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चोरी भाजपा की “प्रैक्टिस” बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार स्वयं प्रभु श्रीराम ने उनकी पोल खोल दी है। यादव का कहना था कि यदि प्रभु श्रीराम के नाम पर चढ़े चढ़ावे का सही आंकड़ा सामने आए, तो यह रकम बहुत बड़ी हो सकती है, क्योंकि गुप्त दान का भी कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंततः, प्रभु श्रीराम ही इसका हिसाब-किताब करेंगे।
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