लखनऊ, 9 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व विपक्षी दलों के विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उनकी साइकिल के आगे राज्य माता अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर लगी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्यपाल के माध्यम से “झूठ का पुलिंदा” पेश करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में शिक्षक, किसान, नौजवान, बुनकर और कर्मचारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को मजबूती से उठाएगा। आशुतोष सिन्हा ने मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियां तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस घटना को नकार रही है।
सपा विधायक राकेश वर्मा ने प्रदेश सरकार पर जनसरोकारों के मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, महंगाई चरम पर है और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में हैं।
उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अराजकता का माहौल बना हुआ है। विपक्षी दलों के प्रदर्शन के चलते विधानसभा परिसर में कुछ देर तक राजनीतिक गहमागहमी बनी रही, हालांकि बाद में सदन की कार्यवाही राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुई।
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