पटियाला : एशियाई खेल 2026 में पहली बार पदक जीतने के लक्ष्य के साथ भारतीय फेंसिंग (तलवारबाजी) टीम को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के अंतर्गत पटियाला के नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में 22.83 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस सेंटर शुरू हो गया है।
यह नया केंद्र अंतरराष्ट्रीय मानकों से लैस है और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण वातावरण प्रदान करता है। इसमें बहुउद्देश्यीय इनडोर फेंसिंग हॉल, इंटरनेशनल-स्टैंडर्ड पिस्टे और इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग सिस्टम मौजूद हैं, जिससे प्रतियोगिता जैसे माहौल में अभ्यास संभव हो सके। साथ ही, खेल विज्ञान सेवाएं, स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग सुविधाएं और रिकवरी सिस्टम एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।
24 सदस्यीय सैबर टीम कर रही अभ्यास
एशियाई खेल 2026 (जापान) को ध्यान में रखते हुए 24 सदस्यीय भारतीय सीनियर सैबर टीम (12 पुरुष और 12 महिला) मुख्य कोच सागर लागु के मार्गदर्शन में यहां प्रशिक्षण ले रही है। फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चीफ कोच सागर लागु ने कहा कि देश में पहली बार फेंसिंग के लिए समर्पित ऐसा विशेष हॉल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा, “अन्य साई केंद्रों पर मल्टीपर्पज हॉल हैं, लेकिन फेंसिंग के लिए समर्पित और सभी उपकरणों से लैस यह केंद्र देश में अद्वितीय है। मेरे अनुभव के आधार पर यह फिलहाल भारत की सर्वश्रेष्ठ सुविधा है।”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधार की ओर बढ़ता भारत
भारत में फेंसिंग अभी विकास के दौर में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन में निरंतर सुधार दिख रहा है। अब तक एशियाई खेलों में भारत को फेंसिंग में पदक नहीं मिला है। देश की स्टार खिलाड़ी भवानी देव टोक्यो 2020 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रचा था और 2023 सीनियर एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था। वर्तमान में भारत के तीन फेंसर्स भवानी देवी (महिला सैबर, वर्ल्ड रैंकिंग 59), करण सिंह (पुरुष सैबर, वर्ल्ड रैंकिंग 75) और तनिष्का खत्री (महिला एपी, वर्ल्ड रैंकिंग 86) विश्व रैंकिंग के टॉप-100 में शामिल हैं।
खिलाड़ियों ने की सुविधाओं की सराहना
2022 कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता केपी गिशो निधि ने कहा कि यह सुविधा जर्मनी और हंगरी जैसी यूरोपीय सुविधाओं से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां आधुनिक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस, बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी और डेटा-आधारित प्रदर्शन विश्लेषण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
फेंसर विशाल थापर ने 2018 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा कि इस तरह का हाई-परफॉर्मेंस सेंटर आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
पंजाब के संगरूर की जूनियर फेंसर सान्या ने विशेष रूप से रिकवरी सिस्टम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां हाइड्रोथेरेपी जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो यूरोप में मिलती हैं, और पोषण, आवास व अंतरराष्ट्रीय मानकों के उपकरण एक ही परिसर में मिलना इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में शामिल करता है। इस हाई-परफॉर्मेंस सेंटर के शुरू होने से भारतीय फेंसिंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और एशियाई खेल 2026 में पदक के सपने को साकार करने की तैयारी को मजबूत आधार मिला है।
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