इस्लामाबाद में महासंवाद: ईरान-अमेरिका के बीच 2 घंटे चली सीजफायर वार्ता, ईरान ने लेबनान पर हमले रोकने की रखी शर्त

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच जारी सीजफायर वार्ता का पहला राउंड 2 घंटे तक चला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान ईरान ने लेबनान पर तुरंत हमले की रोकने की मांग की।

 

 

इस बैठक में एक्सपर्ट्स ने सुरक्षा, राजनीति, सेना, अर्थव्यवस्था और कानून से जुड़े मुद्दों पर बात की। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने नेतृत्व किया। यह मीटिंग कल भी जारी रह सकती है। 47 साल पहले यानी 1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद ये पहली बार था जब दोनों देश के नेताओं ने इतने बड़े स्तर पर आमने-सामने बातचीत की। इससे पहले ईरान ने कहा था कि अगर इस्लामाबाद में चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, तो सिर्फ इजराइल को दोष नहीं दिया जा सकता। इजराइल और अमेरिका के फैसले जुड़े हैं, इसलिए वार्ता फेल होने पर जिम्मेदारी अमेरिका पर भी होगी।

 

प्लेन में बच्चों की तस्वीरें रखकर पाकिस्तान पहुंचे गालिबाफ

गालिबाफ ने इस्लामाबाद पहुंचने के बाद एक्स पर एक फोटो शेयर की। इसमें विमान की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें रखी हैं, जिनके साथ उनके खून से सने स्कूल बैग और जूते रखे हैं और फूल भी रखा है। ईरानी शहर मिनाब में जंग के पहले ही दिन 28 फरवरी को एक प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 168 लोगों की मौत हुई थी। इनमें बच्चे और स्कूल का स्टाफ भी शामिल था। इस हमले का आरोप अमेरिका और इजराइल पर लगाया गया था। अमेरिका ने कहा कि वे इस हमले की जांच कर रहे हैं।

 

इजराइल का 24 घंटे में हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों पर हमला

इजराइली सेना ने कहा है कि उसने पिछले 24 घंटों में लेबनान में हिजबुल्लाह के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। सेना के मुताबिक, एयरफोर्स लगातार हिजबुल्लाह के ठिकानों और ढांचे को निशाना बना रही है और दक्षिणी लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन कर रही है।

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ट्रम्प बोले- होर्मुज से समुद्री माइंस हटाने का काम शुरू

ट्रम्प ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई गई समुद्री माइंस को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस इलाके में माइंस बिछाई हैं, जो अब दुनिया के लिए खतरा बनी हुई हैं। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिका यह काम पूरी दुनिया के देशों के लिए कर रहा है, जिनमें चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये देश खुद यह काम करने की हिम्मत या इच्छा नहीं दिखा रहे हैं।

 

ईरान बोला- लेबनान में सीजफायर जरूरी, बातचीत भी जंग का हिस्सा

ईरान ने साफ कहा है कि लेबनान में सीजफायर होना बहुत जरूरी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघई ने बताया कि यह बात पाकिस्तान को भी बता दी गई है, जो अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवा रहा है। उन्होंने कहा कि जब ईरान का डेलिगेशन पाकिस्तान के नेताओं से मिला, तो लेबनान में लड़ाई रोकने की बात सबसे पहले उठाई गई। ईरान चाहता है कि वहां के हमले जल्द से जल्द बंद हों। हालांकि इजराइल ने सीजफायर के बाद भी लेबनान पर हमले जारी रखे हैं। पाकिस्तान ने कहा था कि लेबनान भी सीजफायर में शामिल है, लेकिन जमीन पर ऐसा नहीं दिख रहा।

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