बाल-बाल बची जान: मंदसौर में दोहरीकरण के ट्रायल के दौरान आपस में भिड़े इंजन और मालगाड़ी

मंदसौर : मध्य प्रदेश में नीमच-रतलाम रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य के तहत मंदसौर-दलौदा रेलखंड पर चल रहे गति परीक्षण के दौरान गुरुवार रात बड़ा रेल हादसा टल गया। दलौदा स्टेशन के पास परीक्षण के लिए चलाई जा रही मालगाड़ी का एक डिब्बा बेपटरी हो गया। वैगन अप लाइन की ओर झुक गया और उसी दौरान दूसरी लाइन से गुजर रहे ट्रायल इंजन से उसकी टक्कर हो गई।

 

हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ट्रायल इंजन को भी मामूली असर पड़ा और सभी कर्मचारी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रतलाम मंडल के अधिकारी और तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचीं तथा देर रात तक ट्रैक सुधार और डिब्बों को दोबारा पटरी पर चढ़ाने का कार्य चलता रहा।

 

100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रहा था परीक्षण

 

जानकारी अनुसार रेलवे बोर्ड की टीम रात 10 बजे मंदसौर- दलौदा के बीच लगभग 14 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक पर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से परीक्षण कर रही थी। मंदसौर की तरफ से नए ट्रैक पर स्पीड ट्रायल करते हुए आ रहा इंजन यार्ड में प्रवेश कर रहा था। इसी दौरान दलौदा स्टेशन से रवाना हुई मालगाड़ी यार्ड में पटरी बदल रही थी। इसी दौरान तकनीकी खामी के चलते मालगाड़ी के डिब्बों के पहिए एक्सल सहित अलग हो गए और डिब्बे पटरी से उतर गए। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह ट्रैक या वैगन में तकनीकी खराबी मानी जा रही है।

 

आधी रात बाद बहाल हुआ ट्रैक

 

हादसे के बाद ट्रैक पर होकर गुजरने वाली ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर रोका गया। रेलवे कर्मचारियों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बेपटरी डिब्बों को ट्रैक पर चढ़ाया गया ओर ट्रैक क्लियर करके अन्य ट्रेनों का आवागमन शुरू किया गया। रतलाम रेल मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे डिरेल हुए डिब्बों को काटकर अलग कर दिया गया। वही बेपटरी डिब्बों को ट्रैक पर चढ़ाते हुए ट्रैक की व्यवस्था सुचारू की गई है।” उन्होंने कहा कि, ”नीमच और रतलाम के बीच चल रहे रेलवे दोहरीकरण कार्य में केवल 14 किलोमीटर के इस ट्रैक पर काम बाकी था जो पूरा कर लिया गया है। बीती रात हुई घटना के जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

 

फाटक बंद रहने से लोगों को परेशानी

 

हादसे के बाद दलौदा रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहा, जिससे सीतामऊ और दलौदा के बीच आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

 

जून तक शुरू हो सकता है दोहरीकरण ट्रैक

 

नीमच-रतलाम के बीच 133 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जून तक इस खंड पर नियमित रेल संचालन शुरू होने की संभावना है। हाल ही में रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ई. श्रीनिवास के निरीक्षण के बाद ट्रायल रन जारी था।

 

कुछ ट्रेनें नीमच तक सीमित

 

दोहरीकरण कार्य के चलते कोटा-मंदसौर इंटरसिटी (19815/19816) और कोटा-मंदसौर पैसेंजर (59833/59834) फिलहाल नीमच तक ही संचालित की जा रही हैं। मंदसौर-नीमच रेलखंड पर इन ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद है।

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