नई दिल्ली : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल अंबानी समूह से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामलों में शनिवार को मुंबई में 17 स्थानों पर व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड तथा उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज मामलों में की गई।
सीबीआई के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम को हजारों करोड़ रुपये के कथित नुकसान से जुड़े मामलों की जांच जारी है। यह छापेमारी 08 मई को मुंबई स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर की गई। जांच एजेंसी ने निदेशकों के आवासीय परिसरों के अलावा उन मध्यस्थ कंपनियों के कार्यालयों में भी तलाशी ली, जिनके खातों का कथित तौर पर बैंक धनराशि के डायवर्जन और लेन-देन के लिए उपयोग किया गया था।
एजेंसी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई मध्यस्थ कंपनियां एक ही पते से संचालित हो रही थीं, जिससे लेन-देन के नेटवर्क और धनराशि के उपयोग को लेकर संदेह और गहरा हुआ है। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
सीबीआई ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह के खिलाफ सात मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कथित बैंक धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितताओं और धनराशि के दुरुपयोग की जांच की जा रही है। इन मामलों में कुल कथित नुकसान 27,337 करोड़ रुपये का बताया गया है।
सीबीआई ने बताया कि इससे पहले मामलों के पंजीकरण के तुरंत बाद मुंबई समेत विभिन्न स्थानों पर 14 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो वरिष्ठ अधिकारियों डी विश्वनाथ और अनिल कालिया को 20 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था।
डी विश्वनाथ रिलायंस कम्युनिकेशंस में संयुक्त अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे और समूह के बैंकिंग संचालन की समग्र जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं अनिल कालिया उपाध्यक्ष के रूप में बैंकिंग संचालन, भुगतान प्रक्रिया और धनराशि के उपयोग से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने बैंकिंग लेन-देन और फंड प्रबंधन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संबंधित कंपनियों और मध्यस्थ इकाइयों के बीच संबंधों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर लिए गए ऋण का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य माध्यमों में किया गया या नहीं।
जांच एजेंसी ने बताया कि अनिल अंबानी समूह से जुड़े इन मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में की जा रही है। मामले में आगे भी कई लोगों से पूछताछ और अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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