Lucknow : सितंबर महीने के आखिरी दिन देश के बड़े हिस्से में मौसम ने भयानक रूप ले लिया है। ‘अर्नब’ चक्रवात और मानसूनी गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान के कारण कई राज्यों में हादसों और मौतों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
उत्तर प्रदेश में टूटा बारिश का रिकॉर्ड, 63 जिलों में जलभराव और तबाही
उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 60 घंटे से लगातार जारी भारी बारिश ने विकराल रूप ले लिया है। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सामान्य से लगभग 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसमें फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात तथा हरदोई में 130 गुना तक अधिक बारिश आंकी गई है। इसके अलावा बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में भी भारी पानी बरसा है।
भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण पिछले 48 घंटों में पूरे प्रदेश में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि चार पशुओं की जान भी गई है। इस दौरान 117 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है, जबकि अयोध्या में दो और लखीमपुर खीरी में चार लोगों की जान चली गई है। मकान और दीवारें गिरने की घटनाओं में बांदा में 32, जालौन में 21, हरदोई में 14 और औरैया व पीलीभीत में सात-सात मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने सभी जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने, तत्काल सहायता पहुंचाने, घायलों के उचित उपचार और नुकसान का जल्द सर्वेक्षण करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में रेड अलर्ट और चारधाम यात्रा स्थगित, नेपाल की बारिश से बिहार में खतरा
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों के लिए विशेष तौर पर रेड अलर्ट घोषित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए पूरी तरह से स्थगित कर दिया है।
दूसरी ओर, नेपाल में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बिहार सरकार ने गंडक, बागमती और कोसी नदी के किनारों पर बसे जिलों के प्रशासनिक अमले को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। निचले इलाकों, तटबंधों और पुलों की निगरानी बेहद कड़ी कर दी गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के दुर्ग-दल्लीराजहरा खंड में लताबोड़ और गुंडरदेही स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के धंसने और जलभराव के कारण ट्रेन सेवाओं में भी एहतियातन बदलाव किए गए हैं।
ओडिशा में उफान पर नदियां, दिल्ली-हरियाणा से लेकर मध्य प्रदेश तक भारी बारिश की चेतावनी
ओडिशा में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश की वजह से राज्य की लगभग सभी नदियां उफान पर हैं और स्थिति से निपटने के लिए हीराकुड बांध के 16 गेट खोलकर महानदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मलकानगिरी सहित कई जिलों में अचानक बाढ़ आने से बालासोर के 91 गांवों के करीब 14,660 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 3,268 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले 24 से 36 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी मध्यम से भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी दी गई है। मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करें।
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