मील का पत्थर बनेगा पीजीआई में यूपी का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण: ब्रजेश पाठक

लखनऊ: संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में उत्तर प्रदेश का पहला सफल प्रत्यारोपण भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है और आने वाले समय में पीजीआई देश-दुनिया में चिकित्सा के क्षेत्र में मार्गदर्शक बनेगा। यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का।

संस्थान परिसर में आयोजित ऑपरेशन में शामिल टीम के सम्मान समारोह में डिप्टी सीएम ने कहा कि पीजीआई की प्रगतिशील कार्यशैली और चिकित्सकों की मेहनत से यह संभव हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान जल्द ही चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यहां की सेवाओं पर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, नेपाल और आसपास के राज्यों के मरीज भी भरोसा करते हैं, जो पीजीआई की गुणवत्ता का प्रमाण है। सरकार द्वारा व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उच्चस्तरीय एवं गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अस्पतालों में लगातार बढ़ रही बेड्स की संख्या
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि सरकार द्वारा अस्पताल में बेड की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है, विशेष रूप से क्रिटिकल केयर और आईसीयू बेड्स की उपलब्धता पर ध्यान दिया जा रहा है। इमरजेंसी सेवाओं और ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भी पीजीआई ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

किसी भी मरीज को न हो परेशानी
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी मरीज को संसाधनों के अभाव में परेशानी न हो। इसके लिए जो भी परियोजनाएं संस्थान द्वारा भेजी जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा प्रस्तुत क्वालिटी केयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और इन्हें धरातल पर लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार हर स्तर पर पीजीआई के साथ खड़ी है और संस्थान को देश में नंबर एक बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सभी मिलकर संकल्प लें तो पीजीआई न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सर्वोच्च केंद्र बन सकता है।

मरीजों के प्रति रहें संवेदनशील
उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें और किसी भी मरीज को बिना प्राथमिक उपचार के न लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बेड उपलब्ध न हो, तब भी प्राथमिक चिकित्सा देकर मरीज की उम्मीद बनाए रखना जरूरी है। साथ ही उन्होंने एक समन्वित तंत्र विकसित करने पर जोर दिया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को अन्य सरकारी अस्पतालों में भी समय पर भर्ती कराया जा सके। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है, इसलिए सभी को अपने पद और जिम्मेदारी का विनम्रता के साथ निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों को अहंकार से दूर रहने और टीम भावना के साथ कार्य करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी चिकित्सकों, स्टाफ और सहयोगियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर निदेशक प्रो० राधा कृष्ण धीमान, अपर प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग अमित घोष, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० देवेंद्र गुप्ता, विभागाध्यक्ष, सी०वी०टी०एस० डॉ० एस०के० अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी, एस०जी०पी०जी०आई० प्रो० आदित्य कपूर, एनेस्थीसिया विभाग, एस०जी०पी०जी०आई० से प्रो० पुनीत गोयल एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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