नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि आतंकवादी संगठन ISIS के वैश्विक नेटवर्क के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी को अमेरिकी और नाइजीरियाई सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभियान में मार गिराया गया है।
ट्रंप ने इस ऑपरेशन की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा की। उन्होंने कहा कि यह मिशन उनके निर्देश पर चलाया गया और इसमें अमेरिकी सेना तथा नाइजीरिया की सशस्त्र सेनाओं ने मिलकर बेहद जटिल और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया।
ट्रंप के मुताबिक, अबू-बिलाल अल-मिनुकी दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकियों में शामिल था और ISIS के वैश्विक संचालन में उसकी अहम भूमिका थी।
‘सोचा था अफ्रीका में छिप जाएगा’
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज रात मेरे निर्देश पर अमेरिकी सेना और नाइजीरिया की आर्म्ड फोर्स ने एक बेहद कठिन और सटीक मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। ISIS का सेकंड-इन-कमांड अबू-बिलाल अल-मिनुकी सोचता था कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन हमारे इंटेलिजेंस नेटवर्क उसकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे।”
उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने अल-मिनुकी की लोकेशन और मूवमेंट को ट्रैक किया, जिसके बाद संयुक्त सैन्य अभियान चलाया गया।
अमेरिकी और नाइजीरियाई सेना का संयुक्त ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन काफी समय से तैयार किया जा रहा था। अमेरिकी स्पेशल फोर्स और नाइजीरियाई सेना ने मिलकर उस ठिकाने को निशाना बनाया जहां अल-मिनुकी छिपा हुआ था।
ट्रंप ने कहा कि इस अभियान में बेहद जटिल सैन्य रणनीति और सटीक खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया। ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी को मार गिराया गया और उसके नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है।
‘अब नहीं फैला सकेगा डर’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अबू-बिलाल अल-मिनुकी अफ्रीका में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने और अमेरिकियों को निशाना बनाने की साजिशों में शामिल था।
ट्रंप ने कहा, “अब वह अफ्रीका के लोगों को आतंकित नहीं कर सकेगा और न ही अमेरिकियों पर हमलों की योजना बना पाएगा। उसकी मौत से ISIS के वैश्विक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।”
नाइजीरिया सरकार को कहा धन्यवाद
ट्रंप ने ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार और उसकी सेना का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देशों की साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अपने बयान में कहा, “इस ऑपरेशन में साझेदारी के लिए नाइजीरिया सरकार का धन्यवाद। आतंकवाद के खिलाफ यह संयुक्त कार्रवाई पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए अहम है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि अबू-बिलाल अल-मिनुकी की मौत ISIS के अफ्रीकी नेटवर्क और उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
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