बैरकपुर की धरती से बंगाल में परिवर्तन होगा, अब मुझे भाजपा के शपथ ग्रहण में आना है : मोदी

बैरकपुर : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि बैरकपुर की ऐतिहासिक धरती जिसने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरणा दी थी, अब बंगाल में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।

 

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में विजय संकल्प सभा को सबोधित करते हुए राज्य में बड़े बदलाव का दावा किया। उन्होंने कहा, “बंगाल की सेवा करना, उसे सुरक्षित करना और बड़ी चुनौतियों से बचाना मेरे लिए भाग्य भी है और दायित्व भी और मैं इससे पीछे नहीं हटूंगा।” उन्होंने रैली को इस चुनाव की अपनी अंतिम सभा बताते हुए कहा कि वे पूरे विश्वास के साथ लौट रहे हैं कि 4 मई के बाद उन्हें भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए फिर आना होगा।

 

उन्होंने हेलिपैड से सभा स्थल तक उमड़ी भारी भीड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि सुबह-सुबह हजारों लोग उन्हें आशीर्वाद देने पहुंचे। अपने रोड शो को तीर्थ यात्रा जैसा अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि तय स्थान के बाद भी लोग दूर तक कतार में खड़े रहते थे और वे बार-बार उनके बीच जाने को प्रेरित होते थे।

 

मोदी ने अरामबाग की एक महिला का जिक्र करते हुए खेद जताया कि वे उससे मिल नहीं सके और कहा कि वे भविष्य में अवश्य मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दशकों से वे देशभर में लगातार यात्रा कर रहे हैं और जनता ही उनका परिवार है।

 

प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य में रोजगार देने वाली मिलें बंद हो रही हैं, जबकि गुंडों को रोजगार देने वाली कच्चे बम की फैक्ट्रियां फल-फूल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में करीब एक दर्जन जूट मिलें बंद हुई हैं। उन्होंने कहा, “एक ओर रोजगार देने वाली मिलें बंद हो रही हैं, दूसरी ओर बम फैक्ट्रियां और तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेट का विस्तार हो रहा है, यही तृणमूल का महाजंगल राज है।”

 

उन्होंने कहा कि तृणमूल की राजनीति केवल गाली, धमकी और झूठ फैलाने तक सीमित रह गई है और उसके नेताओं ने अपने 15 वर्षों के शासन का कोई हिसाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने “मां, माटी, मानुष” के अपने ही नारे को भुला दिया है और महिलाओं, किसानों तथा युवाओं के लिए कुछ नहीं किया।

 

मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मतदाता कमल छाप पर वोट दें ताकि कानून व्यवस्था मजबूत हो और बेटियां बिना डर के बाहर निकल सकें। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे वोट देते समय उन लोगों को याद करें जो टीएमसी के नाम पर अत्याचार करते हैं।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल ने दशकों तक पलायन की पीड़ा झेली है, रोजगार की कमी के कारण युवा बाहर जाने को मजबूर हुए और बुजुर्ग अकेले रह गए। उन्होंने इसे पीड़ादायक बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य में युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन प्राथमिकता होगी।

 

उन्होंने 4 मई के बाद रोजगार से जुड़े पांच बड़े कदमों की घोषणा करते हुए कहा कि सरकारी भर्तियां पारदर्शी तरीके से समय पर होंगी, खाली पद भरे जाएंगे और कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही क्रिएटिव इकोनॉमी को बढ़ावा, गांवों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी और शहरों में स्ट्रीट वेंडर्स को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को संसद में भेजकर भारतीय जनसंघ की नींव मजबूत की थी। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उनकी एक प्रमुख संकल्पना को पूरा किया गया और अब बंगाल की समृद्धि तथा शरणार्थी समस्या का समाधान भी भाजपा सरकार का लक्ष्य होगा।

 

उन्होंने कोलकाता को लेकर भी तृणमूल पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर को लंदन बनाने का वादा किया गया था, लेकिन 15 वर्षों में उसकी पहचान बदल दी गई और घुसपैठियों को बसाया गया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कोलकाता की पहचान को बचाने के लिए एकजुट हों।

 

प्रधानमंत्री ने “अंग, बंग और कलिंग” का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार और ओडिशा में भाजपा को समर्थन मिल चुका है और अब बंगाल की बारी है। उन्होंने “वंदे मातरम्” को 21वीं सदी में बंगाल के नव-निर्माण का मंत्र बताते हुए राज्य के विकास को विकसित भारत के लक्ष्य के लिए आवश्यक बताया।

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