जूनागढ़ : लोकतंत्र में कई बार ऐसा होता है कि स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद तकनीकी और कानूनी समीकरण पूरे खेल को बदल जाता है। ऐसा ही एक दिलचस्प मामला गुजरात के जूनागढ़ जिले की भेसाण तहसील पंचायत में देखने को मिला है। यहां आम आदमी पार्टी(आआपा) बहुमत मिलने के बाद भी सत्ता के केंद्र से बाहर रहेगी।
यहां हाल ही में हुए चुनाव के परिणामों में आआपा ने 16 में से 13 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सिर्फ 3 सीटें हीं मिलीं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी जीत के बावजूद आप सत्ता से बाहर रह जाएगी। इसकी मुख्य वजह आरक्षण का गणित है। भेसाण तहसील पंचायत में इस बार अध्यक्ष (प्रमुख) का पद अनुसूचित जाति ( एससी) के लिए आरक्षित है और आआपा के एससी वर्ग के सभी उम्मीदवार इस चुनाव में हार गए। जिसके कारण आआपा के पास अध्यक्ष पद के लिए कोई योग्य सदस्य नहीं बचा है।
वहीं दूसरी तरफ, भाजपा के 3 विजयी उम्मीदवारों में भिखाभाई मकवाणा अनुसूचित जाति के एकमात्र सदस्य हैं। नियमों के अनुसार अध्यक्ष पद पर एससी वर्ग के सदस्य भिखाभाई मकवाणा का अध्यक्ष बनना लगभग तय है। इस तरह जनता ने भले ही बहुमत आप को दिया हो, लेकिन तकनीकी कारणों और आरक्षण की व्यवस्था के चलते सत्ता भाजपा के हाथों में जाती नजर आ रही है।
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