आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर शव को घर के बाथरूम में ही दफन कर दिया। इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी रूबी करीब डेढ़ महीने (45 दिन) तक पुलिस और समाज की आंखों में धूल झोंकती रही। वह हर दिन उसी बाथरूम में नहाती थी, जहां उसके पति की लाश दफन थी। हालांकि, मृतक के बड़े भाई की ‘जासूसी’ और एक बैंक स्टेटमेंट ने इस आगरा मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया।
खीर में दी थीं नींद की 20 गोलियां
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक सुरेंद्र को नींद की गोलियां खाने की आदत थी। इसी का फायदा उठाकर उसकी पत्नी रूबी ने हत्या की साजिश रची।
18 मई की रात को रूबी ने सुरेंद्र को खीर में मिलाकर नींद की 16 से 20 गोलियां दे दीं। अत्यधिक डोज के कारण जब सुरेंद्र की मौत हो गई, तो रूबी उसे घसीटकर बाथरूम में ले गई। वहां लगी इंडियन सीट के पास फर्श को करीब छह इंच और खोदा। इसके बाद शव को गड्ढे में डालकर ऊपर से गिट्टी-मिट्टी भर दी और प्लास्टर करवा दिया। सुरेंद्र के अचानक गायब होने पर जब भी पड़ोसी या रिश्तेदार पूछते, तो रूबी रोने और परेशान होने का नाटक करने लगती थी। शुरुआती जांच में कोई सुराग न मिलने पर पुलिस भी शांत होकर बैठ गई थी।
भाई की ‘जासूसी’ और बैंक स्टेटमेंट से फंसी कातिल
पुलिस के शांत होने के बाद सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल ने खुद हिम्मत जुटाई और साक्ष्य (सबूत) इकट्ठा करने शुरू किए। अनिल को रूबी के हाव-भाव पर लगातार शक हो रहा था। अनिल अपनी मां को भरतपुर ले गए, जहां ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ में उनका पेंशन खाता था। मां के खाते में हर महीने 28 हजार रुपये की पेंशन आती थी। जब अनिल ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, तो उनके होश उड़ गए। सुरेंद्र के लापता होने के बावजूद रूबी लगातार पेटीएम (Paytm) के जरिए मां के खाते से पैसे उड़ा रही थी और खर्च कर रही थी।
अनिल ने जब रूबी से पैसों का हिसाब मांगा और कड़ाई से पूछताछ की, तो वह घबरा गई। उसे अहसास हो गया कि अब उसका बचना नामुमकिन है।
“दो फीट नीचे हैं पति…” और खुद ही कबूला जुर्म
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे रूबी ने खुद फोन करके अपने जेठ अनिल को घर बुलाया। उसने कहा, “पति घर पर हैं, आकर बात कर लो।” जब अनिल वहां पहुंचे और सुरेंद्र को ढूंढा, तो रूबी ने ठंडे दिमाग से कहा कि “वह बाथरूम में दो फीट नीचे हैं।” यह सुनते ही अनिल के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फर्श खुदवाया और सुरेंद्र का शव बरामद कर रूबी को गिरफ्तार कर लिया।
सिर से उठा पिता का साया, मां गई जेल; बच्चियां हुईं बेसहारा
सुरेंद्र और रूबी की शादी 16 साल पहले हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं- 13 वर्षीय प्राची और 9 वर्षीय सिद्धि। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद मासूम बच्चियां पूरी तरह टूट चुकी हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ी बेटी रोते हुए कह रही थी कि “मां ने पापा को नहीं मारा, उन्होंने खुदकुशी की है।” पिता की मौत और मां के जेल जाने के बाद दोनों बच्चियां अब पूरी तरह बेसहारा हो चुकी हैं और फिलहाल अपने ताऊ के घर दादी के साथ रह रही हैं।
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