नई दिल्ली। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सीमा पार पाकिस्तान में बैठकर भारत विरोधी साजिशें रचने वाले तत्वों के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सख्त आतंकवाद-रोधी कानून UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत पाकिस्तान में सक्रिय 23 खूंखार अपराधियों को व्यक्तिगत रूप से ‘आतंकवादी’ घोषित कर दिया है।
अधिकारिक आदेश के मुताबिक, ये सभी लोग जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), अल-कायदा और ISIS जैसे खतरनाक वैश्विक आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं। इस नई सूची के जारी होने के बाद, भारत की यूएपीए (UAPA) लिस्ट में शामिल व्यक्तिगत आतंकवादियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
कश्मीर में अशांति और सेना पर हमलों की रची साजिश
इन 23 आतंकवादियों पर जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने और भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के गंभीर आरोप हैं। ये आतंकवादी आतंकी गतिविधियों के लिए स्थानीय युवाओं का ब्रेनवॉश कर उनकी भर्ती करते थे। सीमा पार से घुसपैठ और आतंकियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देते थे। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक यानी ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में हथियार और गोला-बारूद पहुंचाते थे। इस लिस्ट में शामिल 3 लोग साल 2016 में नगरोटा सेना कैंप पर हुए हमले में और 2 लोग साल 2018 में सुंजवान मिलिट्री स्टेशन पर हुए आत्मघाती हमलों की साजिश में कथित रूप से शामिल थे।
हाफिज सईद के तीन सबसे बड़े मददगार बेनकाब
गृह मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के तीन सबसे करीबी और वफादार सहयोगियों की पहचान उजागर की गई है:
राणा इफ्तिखार (54 वर्ष): यह हाफिज सईद का बेहद करीबी साथी है, जो अलग-अलग जिहाद-विरोधी संगठनों के बीच तालमेल बिठाने का काम करता है और युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाता है।
अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ (52 वर्ष): लश्कर और जमात-उद-दावा से जुड़ा यह आतंकी सीधे हाफिज सईद की कमान में काम करता है। यह लश्कर के मुख्य कमांडरों में से एक है, जो आतंकी हमलों की प्लानिंग करने और उसके लिए फंड (पैसा) इकट्ठा करने का जिम्मा संभालता है।
हाफिज खालिद वलीद (51 वर्ष): हाफिज सईद की सुरक्षा घेरे में रहने वाला यह आतंकी कई बड़ी आतंकवादी घटनाओं का मास्टरमाइंड रहा है और पाकिस्तान से आतंकी नेटवर्क का संचालन करता है।
जांच एजेंसी NIA को मिलेगी असीमित ताकत
इस सूची में व्यक्तिगत रूप से इन आतंकवादियों के नाम शामिल होने से देश की प्रमुख जांच एजेंसी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को अभूतपूर्व कानूनी शक्तियां मिलेंगी। अब एनआईए इन आतंकवादियों के वैश्विक वित्तीय लेन-देन (फंड) को तुरंत फ्रीज कर सकेगी, इनके हथियारों की बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय रोक लगवा सकेगी और भारत में मौजूद इनकी किसी भी तरह की चल-अचल संपत्ति को जब्त कर पाएगी।
उल्लेखनीय है कि साल 2019 में आतंकवाद-रोधी कानून (UAPA) में ऐतिहासिक संशोधन किया गया था, जिसके तहत केवल संगठनों ही नहीं, बल्कि किसी एक व्यक्ति को भी ‘आतंकवादी’ घोषित करने का प्रावधान जोड़ा गया था।
लिस्ट में शामिल मुख्य आतंकवादियों के नाम:
जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आतंकी: मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मुहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार, अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वसीम नूर जट।
लश्कर-ए-तैयबा (LeT) व अन्य से जुड़े आतंकी: फिरदौस अहमद भट, हारून रशीद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कय्यूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्ला खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फारूक, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और मोहम्मद शाहिद फैसल (जो अल-कायदा और ISIS से भी जुड़ा है)।
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