नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया, जिसमें प्रगति का मार्ग दिखाने वाले शुभ विचारों पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा-
“आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरितस उद्भिदः।
देवा नो यथा सदमिद् वृद्धे असन्नप्रायुवो रक्षितारो दिवे दिवे॥”
इस संस्कृत सुभाषित का संदेश है कि हमें सभी दिशाओं से शुभ और प्रेरणादायक विचार प्राप्त हों। ऐसे विचार जो हमें उत्साह, ऊर्जा और आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करें। वे विचार अटल, अजेय और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने वाले हों। दिव्य शक्तियां हमारे जीवन को प्रतिदिन विकास, उन्नति और नए उत्साह से भर दें और हमें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें तथा दिन-प्रतिदिन हमारी रक्षा करें।
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal