कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से घुसपैठियों के केवल नाम हटाए हैं, जबकि अगला कदम उन्हें देश की सीमाओं से बाहर करना होगा। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उत्तर बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने यह बयान दिया।
कूचबिहार जिले के तुफानगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने पर पूर्वी सीमाओं को इस तरह सील किया जाएगा कि “परिंदा भी पर नहीं मार सके।” उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं करा रही हैं। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद 45 दिनों के भीतर सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल घुसपैठ रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि जो लोग पहले से देश में प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें बाहर निकालना भी आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार घुसपैठ के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।
हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उत्तर बंगाल की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के बजट में इस क्षेत्र को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर राजबंशी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और ‘नारायणी बटालियन’ के गठन जैसे कदम उठाए जाएंगे।
जलगांव के राजगंज में एक अन्य सभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार की एक-एक पाई वसूलकर जनता को लौटाई जाएगी।—————-
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