ममता को हिमंता की खुली चुनौती: अगर असम के डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू निकला, तो आज ही दे दूंगा इस्तीफा

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रण में अब जुबानी जंग मर्यादा की सीमाएं लांघती नजर आ रही है। असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दे डाली है। कोलकाता में मीडिया से रूबरू होते हुए सरमा ने हुंकार भरी कि यदि असम के किसी भी डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू बंद पाया गया, तो वे अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देंगे।

 

ममता के गढ़ में हिमंता का रोड शो, बोले- ‘डिटेंशन कैंप’ के नाम पर डरा रही TMC

टीएमसी के मजबूत किले बेहाला पुरबा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शंकर सिकदर के समर्थन में रोड शो करने पहुंचे हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता सरकार पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता अक्सर यह झूठ फैलाते हैं कि असम के डिटेंशन कैंपों में बंगाली हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। सरमा ने स्पष्ट किया, “असम के मुख्यमंत्री के तौर पर मैं जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि वहां एक भी बंगाली हिंदू कैद नहीं है। टीएमसी केवल डर की राजनीति कर रही है।”

 

अंडा-मछली वाले बयान पर पलटवार: ‘ममता जी के साथ बैठकर खाऊंगा, वो भी एक किलो ज्यादा’

ममता बनर्जी द्वारा भाजपा नेताओं के खान-पान पर दिए गए ‘अंडा और मछली’ वाले बयान पर सरमा ने मजाकिया लेकिन तीखे अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने कहा, “ममता दीदी को खाने पर आपत्ति क्यों है? आइए मेरे साथ खाइए, मैं आपसे एक किलो ज्यादा ही खाकर दिखाऊंगा।” वहीं, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अमित शाह को चुनौती देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि 4 मई को चुनावी नतीजे आते ही अभिषेक दुबई भाग जाएंगे।

 

शरिया कानून और जनसांख्यिकीय बदलाव की चेतावनी

घुसपैठ के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरते हुए हिमंता ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल और असम ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनसांख्यिकी (Demography) बदल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जिस दिन इन घुसपैठियों की संख्या 50 प्रतिशत के पार हो जाएगी, उसी दिन से देश में शरिया कानून की मांग शुरू हो जाएगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा CAA को व्यापक रूप से लागू करेगी ताकि प्रताड़ित हिंदुओं को सुरक्षा मिल सके।

 

सुप्रीम कोर्ट के कानून का दिया हवाला, घुसपैठियों को बाहर करने का मास्टर प्लान

सरमा ने ‘Illegal Immigrant Expulsion Act, 1948’ का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने असम को जो शक्तियां दी हैं, उनका इस्तेमाल कर डिप्टी कमिश्नर किसी भी घुसपैठिए को 48 घंटे के भीतर देश से बाहर निकाल सकता है। उन्होंने मांग की कि इस कानून को देश के अन्य पांच राज्यों में भी सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अगर हिंदू भारत में सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो दुनिया में और कहां जाएंगे?

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