संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा आरंभ, बांग्लादेश सरकार से की हिंदुओं के संरक्षण की मांग

नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आज हरियाणा के समालखा में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले ने दीप प्रज्वलन कर विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान सरकार्यवाह की ओर से वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। संघ ने बांग्लादेश सरकार से एक बार फिर आग्रह किया कि वह अपने यहां हिंदुओं के अधिकारों का संरक्षण करे।

 

शुरुआती सत्रों में दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार के प्रयासों से आए सुधार और मणिपुर में संघ के प्रयासों से आए परिणाम का स्वागत किया गया। इसके अलावा बांग्लादेश सरकार से एक बार फिर आग्रह किया गया कि हिंदुओं के अधिकारों का वहां संरक्षण होना चाहिए।

 

प्रतिनिधि सभा के प्रारंभ के बाद यहां सह सरकार्यवाह सी आर मुकुंद ने अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के साथ पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।

 

इस दौरान सी आर मुकुंद ने बताया कि सर कार्यवाह ने अपने प्रतिवेदन में यह जानकारी दी कि संघ के शताब्दी वर्ष में किए गए प्रयासों से 4000 स्थान पर 5000 से अधिक शाखाओं में वृद्धि हुई है। गृह संपर्क अभियान के तहत संघ के कार्यकर्ता 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचे हैं। तीन लाख से अधिक गांव में संघ के कार्यकर्ता गए हैं। केरल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां संघ के कार्यकर्ता साम्यवादी विचारधारा, मुसलमानों और क्रिश्चियन परिवारों से भी मिले हैं। अकेले केरल में 55,000 से अधिक मुस्लिम और 54,000 से अधिक क्रिश्चियन परिवारों में संघ के कार्यकर्ता संघ और समाज से जुड़े विषय लेकर गए हैं।

 

उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के नाते 36,000 से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। वहीं इस दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत की देश के चार महानगरों में व्याख्यान माला आयोजित की गई। इसमें सरसंघचालक ने 20 से अधिक घंटे में 1000 से अधिक प्रश्नों का उत्तर दिया।

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