सीतामढ़ी : सीतामढ़ी के पवित्र पुनौरा धाम स्थित सीता प्रेक्षागृह में आयोजित श्री राम कथा के चौथे दिन जगतगुरू तुलसीपीठाधीश्वर श्री रामभद्राचार्य जी महाराज ने माता सीता और प्रभु श्रीराम को अभिन्न तथा एक ही परम ब्रह्म स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि यह श्री राम कथा उनकी 1420वीं कथा है, जो मिथिला बिहारी जी की कृपा से संभव हो सकी है।
गुरुदेव ने अपने प्रवचन में समझाया कि जैसे नाटक में एक ही व्यक्ति विभिन्न भूमिकाएं निभाता है, उसी प्रकार भगवान राम और माता सीता अलग-अलग स्थानों, जैसे अयोध्या और मिथिला में प्रकट होकर एक ही परम तत्व का अभिनय करते हैं। उन्होंने श्रुति, स्मृति और पुराणों का उल्लेख करते हुए कहा कि राम और सीता में कोई भेद नहीं है, बल्कि दोनों एक ही दिव्य सत्ता के रूप हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “मैं त्रिदंडी सन्यासी हूं और शास्त्रों के आधार पर यह कहता हूं कि राम और सीता एक ही हैं। दोनों परम ब्रह्म हैं, जिनमें ऐश्वर्य, धर्म, यश, ज्ञान और वैराग्य जैसे सभी दिव्य गुण विद्यमान हैं।” गुरुदेव ने इसे भारतीय दर्शन और संस्कृति की मूल भावना बताया।
धर्म और संस्कृति की रक्षा पर जोर देते हुए जगतगुरू रामभद्राचार्य जी ने कहा कि उनका उद्देश्य श्री राम कथा और भागवत कथा के माध्यम से भारतीय संस्कृति और संस्कारों को सुदृढ़ करना है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कुछ लोग धर्म के नाम पर भ्रम फैलाकर धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं, ऐसे में लोगों को अपने मूल सांस्कृतिक सिद्धांतों को समझना और अपनाना चाहिए।
उन्होंने रामायण के सातों कांडों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें सीता-राम के छह गुणों का गहन दर्शन निहित है, जिन्हें समझना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने बताया कि माता सीता का प्राकट्य पुनौरा धाम के सीता कुंड से हुआ, जो इस स्थल की पवित्रता और महत्व को दर्शाता है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पुनौरा धाम में बिहार सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से भव्य सीता मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने इसे पूरे देश के लिए गौरव का विषय बताया और कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब सीता जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण सौभाग्य की बात है।
इस अवसर पर विधायक सुनील कुमार पिंटू अनिल कुमार, गायत्री देवी, प्रदेश मंत्री रीता शर्मा, संजीव पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष मनीष गुप्ता, प्रो. उमेश चंद्र झा ,राजू झा कथा संयोजक राम शंकर शास्त्री, रघुनाथ तिवारी, धनुषधारी सिंह, मनोज सिंह, राम छबीला चौधरी, बाल्मीकि कुमार, जीतेश सिंह, आग्नेय कुमार, भारती देवी, मानवेंद्र सिंह, डॉक्टर श्रवण कुमार समेत सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने राम कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
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